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Branch: Ajmer

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Ajmer At a Glance

Status Nagarsthan
Karyakartas
  • 38     (view details)
    1. Ad. Badri Prasad Pancholi
    2. Shri Avinesh Sharma
    3. Ad. Umesh Kumar Chorasiya
    4. Dr. Swatrantra Sharma
    5. Ad. Satya Dev Sharma
    6. Smt.Kushum Guatam
    7. Sh. Mahesh Sharma
    8. Sh. Ravinder Jain
    9. Dr. Shyam Bhutra
    10. Shri Bharat Bharagava
    11. Smt. Beena Rani
    12. Sh. Ankur Prajapati
    13. Smt Asha Kachwaha
    14. Smt. Savita Sharma
    15. Sh. Nitin Goyal
    16. Sh. Dinesh Nuwal
    17. Sh. Kushal Upadhaya
    18. Dr. Ashok Mittal
    19. Sh. Mahendra Kabra
    20. Smt. Anita Gupta
    21. Smt. Radha Rathi
    22. Sh. Shashank Bajaj
    23. Sh. Sunil Garg
    24. Dr. Anita Khurana
    25. Sh. Kant Kishore Sharma
    26. Smt. Shashi Jain
    27. Smt. Nidhi Sharma
    28. Sh. Laxmi Chandra Meena
    29. Sh. Nathu lal Jain
    30. Sh. Sanjeev Jain
    31. Sh. Luv Tamara
    32. Ku. Shefali Sankhala
    33. St. Beena Tomar
    34. St. Meena Gulabchandani
    35. Sh. Rakesh Bansal
    36. Sh. Rajendra Singh
    37. Smt. Mirdula Vyas
    38. Sh. Ram Niwas
Toli Pramukhs (Samiti)
  • 7     (view details)
    1. Nagar Sanchalak – Dr. Shyam Bhutra
    2. Nagar Pramukh – Bharat Bhargava
    3. Vyavastha Pramukh – Shri. Nitin Goel
    4. Karyapaddhati Pramukh – Asha Kachwaha
    5. Yuva Pramukh – Shri. Ankur Prajapati
    6. Sahitya Seva Pramukh – Shri. Kailash Sharma
    7. Sampark Pramukh – Smt. Savita Sharma
Yoga Vargas
  • 3    (view details)
    1. Bhagat Singh Park
      • Location: Vaishali Nagar Ajmer
      • Timing: 06:00 to 07:30 AM
      • Average Strength: 15
      • Incharge: Dr. Ashok Mittal
      • Contact: 8058041414
    2. नाका मदार
      • Location: अटल उद्यान, नाका मदार अजमेर
      • Timing: प्रातः 6.45 से 8.00 बजे तक
      • Average Strength: 25
      • Incharge: श्री रविंद्र कुमार जैन= विभाग संपर्क प्रमुख
      • Contact: 9414618062
    3. Online Yog Varg
      • Location: Ajmer
      • Timing: Morning
      • Average Strength: 12
      • Incharge: Dr. Ashok Mittal
      • Contact: 8058041414
Kendra Vargas
  • 2    (view details)
    1. Bhagat Singh Park
      • Location: Vaishali Nagar Ajmer
      • Timing: 06:00 to 07:30 AM
      • Average Strength: 15
      • Incharge: Dr. Ashok Mittal
      • Contact: 8058041414
    2. केंद्र वर्ग
      • Location: ऑनलाइन https://meet.google.com/shz-veda-ouh
      • Timing: गुरूवार शाम 6 से 7 बजे तक
      • Average Strength: 15
      • Incharge: श्री यादव राज कुमावत
      • Contact: 919414824177
Swadhyaya Vargas
  • 1    (view details)
    1. ज्ञान योग चर्चा
      • Location: ऑनलाइन https://meet.google.com/shz-veda-ouh
      • Timing: शाम 5 से 6 प्रत्येक शनिवार
      • Average Strength: 25
      • Incharge: श्रीमती आशा कछवाहा
      • Contact: 918875254860
Office AddressEKAKSHARAM, 226-A/28, Near Shiv Mandir, Nai Basti, Bhajan Ganj, Ajmer-305001 (Raj.) Ph No.: 0145-2666042
Primary ContactBharat Bhargav, Nagar Pramukh, 75975-26899
In MediaView Media Coverage
KaryapatrakView Karyapatrak


News and Updates of Ajmer

News & Updates
  1. स्वाध्याय वर्ग प्रत्येक शनिवार शाम 5 से 6 बजे और केंद्र वर्ग प्रत्येक गुरूवार शाम 6 से 7 बजे तक - ऑनलाइन जुड़िये  https://meet.google.com/shz-veda-ouh
  2. अजमेर विभाग का नियमित योग वर्ग प्रातः 5.30 बजे से 6.45 बजे से ऑनलाइन गूगल मीट पर संचालित हो रहा है जुड़ने के लिए निम्नांकित लिंक पर क्लिक करें  https://meet.google.com/shz-veda-ouh

For any query contact: Bharat Bhargav, Nagar Pramukh, 75975-26899




Recent Activities Organized by Ajmer




Others

:

युगनायक स्वामी विवेकानन्द की शिक्षा आज भी प्रासंगिक - रघुनन्दन टी

04-Jul-2021 | 91 Present

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स्वामी विवेकानन्द के 118वें महानिर्वाण दिवस पर ऑनलाइन हुआ आयोजन स्वामी विवेकानन्द ने 11 सितंबर 1893 को शिकागो में एक इतिहास रचा। जब वे पहली बार मंच से बोले और पूरे विश्व को बहनों और भाइयों कह कर संबोधित किया वह उस समय भारत की आध्यात्मिक संस्कृति की आवाज बने थे। स्वामी जी का विश्व को संदेश था कि सभी को गले लगाना है। वे जाति के आधार पर छुआछूत के खिलाफ थे एवं संपूर्ण भारत में परिव्राजक सन्यासी के रूप में उन्होंने यह संदेश दिया। स्वामी विवेकानन्द के बारे में भगिनी निवेदिता ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने हिन्दु धर्म का पुनरूत्थान किया। ठाकुर रामकृष्ण परमहंस के बारे में वे कहते थे कि उनमें इतनी शक्ति है कि वे हजारों विवेकानन्द पैदा कर सकते हैं। उक्त विचार प्रसिद्ध चिंतक एवं विचारक रघुनन्दन टी ने केरल से ऑनलाइन जुड़ते हुए विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी अजमेर विभाग द्वारा स्वामी विवेकानन्द के महानिर्वाण दिवस पर आयोजित ऑनलाइन विमर्श कार्यक्रम युगनायक विवेकानन्द के अवसर पर व्यक्त किए। विषय प्रवर्तन करते हुए साहित्यकार उमेश कुमार चौरसिया ने स्वामी विवेकानन्द के महानिर्वाण से पूर्व दिन के संस्मरणों को याद करते हुए बताया कि उन्हें अपने जाने का पूर्वाभास था और अपने साथी सन्यासी एवं भगिनि निवेदिता को इस बात का संकेत भी कर दिया था। स्वामी विवेकानन्द ने 39 वर्ष की आयु में वह कार्य किया है जिसे उनके जाने के 118 वर्षों बाद भी प्रासंगिक है। कार्यक्रम का संचालन ब्यावर नगर प्रमुख यादवराज कुमावत ने किया। अजमेर नगर प्रमुख भारत भार्गव ने बताया कि विवेकानन्द केन्द्र वर्तमान कोरोना काल में ऑनलाइन संस्कार वर्ग, योग वर्ग, स्वाध्याय वर्ग एवं केन्द्र वर्गों का आयोजन कर रहा है जिससे सैंकड़ों लोग प्रतिदिन लाभान्वित हो रहे हैं।

युगनायक  युगनायक

Others

:

‘शंखनाद व चित्रकला प्रतियोगिता के परिणाम घोषित‘

02-Jul-2021 | 116 Present

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श्रीरामदयाल व कलावती चौरसिया स्मृति सम्मान से हुए पुरस्कृत नाट्यवृंद एवं विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर द्वारा आॅनलाइन आयोजित की गई शंखनाद वीडियो प्रतियोगिता एवं विवेक चित्रकला प्रतियोगिता के परिणाम आज स्वामी विवेकानन्द के महानिर्वाण दिवस 4 जुलाई पर घोषित किये गए। ट्रस्ट के पूर्वा एवं निखिल चौरसिया ने बताया कि शंखनाद प्रतियोगिता में प्रथम गहना जोशी, द्वितीय मुकेश पाण्डे व तृतीय रिद्धिमा बल्दवा, दीक्षा मंगलानी और माही राव तथा चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम कुमार अरिजीत मि़श्रा, द्वितीय आर्यन राजेन्द्र जाधव व तृतीय गौरी चौधरी, रूमी हुसैन और तनुश्री सिंह रहे हैं। इनको ‘श्रीरामदयाल एवं कलावती चौरसिया स्मृति सम्मान‘ के तहत पुस्तक सेट एवं स्मृति चिन्ह से पुरस्कृत किया जाएगा। संयोजक भारत भार्गव ने बताया कि ‘शंखनाद‘ में 48 प्रतिभागियोें ने स्वामी विवेकानन्द के संदेशों का प्रभावी उद्घोष करते हुए वीडियो बनाये तथा ‘चित्रकला‘ में 68 बच्चों ने स्वामीजी के सपनों का भारत थीम पर आधारित आकर्षक चित्रांकन किया। निर्णायक मंडल में राजस्थान विश्वविद्यालय नाटक प्रभाग के डाॅ कपिल शर्मा, टीवी एंकर प्रियदर्शिनी, लोक कला विशेषज्ञ संजय सेठी और चित्रकार प्रजेस्ट नागौरा ने सहयोग किया।

‘शंखनाद

Yoga-Satra-And-Modules

:

योग युद्ध- कोरोना के विरुद्ध ऑनलाइन योग पखवाड़ा आयोजित

22-Jun-2021 to 02-Jul-2021

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अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की अजमेर, शाखा द्वारा योग पखवाड़े का आयोजन किया गया| नगर प्रमुख भारत भार्गव में जानकारी देते हुए बताया विवेकानंद केंद्र का प्राण स्वर योग है। योग मनुष्य के मानसिक और शारीरिक संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है योग के वास्तविक स्वरूप को आम जन तक पहुंचाने के लिए इस योग पखवाड़े का आयोजन किया गया था| इस पखवाड़े के अंतर्गत 10 दिन का योग प्रशिक्षण सत्र कोरोना के विरुद्ध योग युद्ध के रूप में दिया गया जिसमें शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को शामिल करते हुए वर्तमान परिस्थितियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने एवं मानसिक सुदृढ़ीकरण हेतु योगाभ्यास के तहत आसन, प्राणायाम, सूर्यनमस्कार एवं ध्यान का प्रशिक्षण दिया गया| पखवाड़े के दौरान आमजन को योग के प्रति जागरूक करने हेतु योग आधारित प्रश्नोत्तरी, चित्रकला , देश भक्ति गीत एवं शंखनाद प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया| इस योग सत्र में डॉ. स्वतंत्र शर्मा, प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख, भारत भार्गव - नगर प्रमुख अजमेर, श्री यादव राज कुमावत - नगर प्रमुख ब्यावर, श्री अंकुर प्रजापति - युवा प्रमुख, श्रीमती आशा कछवाहा - कार्यपद्धति प्रमुख, श्री शशांक बजाज - योग वर्ग शिक्षक एवं श्री लक्ष्मी चंद मीना का सहयोग रहा|

योग  योग

Vimarsh

:

योग एक जीवन पद्धति है - डॉ. स्वतंत्र शर्मा

21-Jun-2021 | 54 Present

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग एक जीवन पद्धति विषय पर विमर्श का आयोजन किया गया | इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए राजस्थान प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डॉ. स्वतंत्र शर्मा ने योग के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की| उनहोंने अस्तित्व के सिद्धांत और एकात्मता के सिद्धांत पर जानकारी देते हुए प्रकृत्ति में सर्वत्र योग की अवस्था का बताया| उन्होंने कहा कि प्रत्येक शरीर की आन्तरिक एवं बाह्य प्रकृति ब्रहमांड के सदृश है और व्यक्तित्व का विस्तार ही योग है| स्वामी विवेकानंद की राजयोग पुस्तक का उद्धरण करते हुए उन्होंने कहा की प्रत्येक आत्मा अव्यक्त ब्रह्म है और उसका अंतिम लक्ष्य मोक्ष प्राप्ति है| कार्यक्रम ऑनलाइन आयोजित हुआ|

योग  

Karyapaddhati

:

कोविड -19 के संक्रमण से बचाव है जलनेति - डॉ स्वतंत्र शर्मा

08-Jul-2020

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आज कोविड-19 के संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं तथा अनेक चिकित्सा पद्धतियों के द्वारा इससे बचने के प्रयास भी चल रहे हैं| योग और आयुर्वेद में षट्कर्म में जलनेति एक ऐसी क्रिया है जिसके नियमित अभ्यास से हमारी श्वसन नली और उससे जुड़े विभिन्न साइनस क्षेत्र स्वच्छ हो जाते हैं और संक्रमण होने की संभावना नगण्य हो जाती है| प्राकृतिक चिकित्सा में जलनेति को ईएनटी केयर बताया गया है जिसके द्वारा हम कान नाक और गला तीनों को स्वच्छ रख सकते हैं और इसके द्वारा विभिन्न प्रकार की एलर्जी और संक्रमण से बचा जा सकता है | जलनेति हमारी आंखों को भी स्वस्थ रखती है और लंबे समय तक जल नेति के अभ्यास द्वारा नेत्रों की ज्योति भी बढ़ाई जा सकती है | उक्त विचार विवेकानंद केंद्र के प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख डॉ स्वतंत्र कुमार शर्मा ने विवेकानंद विस्तार में श्रीजी वाटिका में संचालित नियमित योग वर्ग में जल नेति एवं वमन धौति के प्रशिक्षण के दौरान व्यक्त किए| वमन धौति एवं कुंजल क्रिया कराते हुए डॉ शर्मा ने बताया की वमन धौति के द्वारा हम अपने छोटी आंत और पाचन तंत्र के समस्त रोग जैसे अपच, गैस एवं हाइपरएसिडिटी को प्राकृतिक रूप से ही दूर कर लेते हैं | इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र के विभाग संपर्क प्रमुख श्री रविंद्र जैन, नगर प्रमुख श्री अखिल शर्मा, योग वर्ग प्रमुख श्री नाथूलाल जैन, संजीव जैन, श्री धर्मेंद्र जैन, श्री प्रवीण जैन, कैलेन्द्र जैन, अनिल जैन, उमेश जैन, नरेश जैन एवं अन्य जैन समाज के बंधु उपस्थित थे|

कोविड  

Karyapaddhati

:

भजन गंज योग वर्ग में गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजन

05-Jul-2020

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विवेकानंद विस्तार के भजन गंज स्थित राधिका विला गार्डन में संचालित योग वर्ग में आज गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। गुरु तत्व का चिंतन और उस पर चर्चा करते हुए केंद्र के प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख डॉ स्वतंत्र शर्मा ने बताया की विवेकानंद केंद्र में ओंकार को गुरु स्वीकार किया गया है महामुनि पतंजलि द्वारा ईश्वर के जिस स्वरूप का वर्णन प्रणव के रूप में किया गया है वह ईश्वर क्लेश, कर्म, विपाक और आशय से परे और पुरुष विशेष है जो सर्व कालों में विद्यमान है एवं उससे ऊपर और कोई नहीं है। चर्चा में यह स्पष्ट हुआ कि जो ज्ञान दे वह गुरु नहीं है अपितु जो चित्त पर पड़े अज्ञान के आवरण को हटाते हुए ज्ञान की ज्योति को प्रकाशित करें वह सच्चे अर्थों में गुरु कहा जा सकता है। इस अवसर पर योग वर्ग शिक्षक के रूप में वर्ग साधकों द्वारा डॉ शर्मा को साहित्य के रूप में पुस्तक भेंट की गई। इस अवसर पर अजमेर दक्षिण की विधायक श्रीमती अनिता भदेल सहित श्रीमती रजनी यादव, शुभ्रा यादव, श्री यश, कार्यालय प्रमुख श्री गणपत सिंह जी, विकास सिंह, सुश्री मानसी एवं श्रीमती गुंजन कुलश्रेष्ठ सहित अन्य योग साधक उपस्थित थे।

भजन  

Karyapaddhati

:

सेवा से ही मानव कल्याण संभव -उमेश कुमार चौरसिया

04-Jul-2020

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स्वामी विवेकानंद का जीवन और संदेश हमें वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यह संदेश देता है कि नर सेवा और नारायण सेवा का भाव और दरिद्रो देवो भव का भाव जितना हमारे भीतर गहरा उतरेगा उतना ही अपने जीवन को सार्थक कर सकेंगे। जीवन में शौच, संतोष, तप एवं स्वाध्याय का आचरण करने से हम स्वामी विवेकानंद के चारित्रिक गुणों को अपने भीतर प्रतिष्ठापित कर सकते हैं और अपने जीवन में आनंद का अनुभव कर सकते हैं। उक्त विचार प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं साहित्यकार तथा विवेकानन्द हिंदी प्रकाशन विभाग जोधपुर की प्रकाशन समिति सदस्य एवं राजस्थान हिन्दी साहित्य अकादमी के पूर्व सदस्य श्री उमेश कुमार चौरसिया ने स्वामी विवेकानंद महानिर्वाण दिवस के अवसर पर चर्चा करते हुए। स्वामी विवेकानंद के जीवन के अनेक प्रसंगों को उल्लेखित करते हुए श्री चौरसिया ने बताया कि आज कोविड-19 के काल में हमें मानव धर्म का आचरण करना है। स्वामी विवेकानन्द शिकागो में कई बार महलनुमा घरों में भी ठहरते थे किंतु वहाँ पर भी वे भारत के दरिद्रों के प्रति अपने करूणाभाव के कारण रात-रात भर सो नहीं पाते थे। अनेकों बार स्वामी विवेकानन्द ने भारत के विश्वगुरू होने के स्वप्न को साकार करने में आज की आधुनिक युवा पीढ़ी की आवश्यकता को अनुभव किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा विधायक अजमेर दक्षिण श्रीमती अनिता भदेल ने अपने वक्तव्य में बताया कि धर्म भारत की आत्मा है तथा धर्मनिरपेक्ष समाज कभी भी उन्नत राष्ट्र का निर्माण नहीं कर सकता। चाहे सामाजिक जीवन हो अथवा राजनीतिक जीवन सभी में धर्म की प्रतिष्ठा अत्यंत आवश्यक है। बिना धर्म की समझ रखें अंग्रेजों द्वारा भारत के संबंध में लिखा गया इतिहास भारत के गौरव को धूमिल करता है किंतु आज संपूर्ण विश्व को भारत की शक्ति का अहसास होने लगा है और आज दुनिया भारत की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रही है। इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की अजमेर शाखा के विवेकानन्द विस्तार के कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए आवश्यक नियम अर्थात् सामाजिक दूरी का पालन किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान प्रान्त से प्रशिक्षण प्रमुख डाॅ0 स्वतन्त्र शर्मा, विभाग संपर्क प्रमुख श्री रविन्द्र जैन, विभाग सह संचालिका श्रीमती कुसुम गौतम सहित नगर सह प्रमुख बीना रानी, युवा प्रमुख श्री अंकुर प्रजापति, कार्यालय प्रमुख श्री गणपत सिंह, योग वर्ग प्रमुख श्री नाथूलाल जैन, संजीव जैन सहित समस्त योग वर्गों के प्रमुख एवं योग साधक उपस्थित थे। कार्यक्रम में कुल उपस्थिति 35 रही।

सेवा  सेवा

Yoga-Satra-And-Modules

:

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विवेकानंद विस्तार में हुआ आयोजन

21-Jun-2020

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर द्वारा विवेकानंद विस्तार में विभाग संपर्क प्रमुख श्री रविंद्र जी जैन एवं योग प्रशिक्षक श्री नाथू लाल जी जैन के प्रयासों से नाका मदार स्थित अटल उद्यान में पिछले एक माह से योग वर्ग का आयोजन किया जा रहा है। आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम सेंट्रल जीएसटी डिपार्टमेंट के आयुक्त श्री वेद प्रकाश जोशी एवं नगर संचालक एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ श्याम भूतड़ा के मुख्य आतिथ्य में सम्पन हुआ। कार्यक्रम में साधकों को भारत सरकार के अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास कराया गया । केंद्र का परिचय देते हुए योग की महत्वता पर विस्तार से चर्चा की गई। योग दिवस के कार्यक्रम में 50 की संख्या सही।

अंतर्राष्ट्रीय  अंतर्राष्ट्रीय

EBVB

:

ध्यान, समर्पण और परिश्रम से ही चैतन्य की प्राप्ति संभव - उमेश चौरसिया

18-Feb-2020

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जीवन में ध्यान, समर्पण एवं परिश्रम से ही चैतन्य अवस्था प्राप्त की जा सकती है जो व्यक्ति को इतना सक्षम बना देती है कि वह स्वयं ईश्वर बन सकता है। कलकत्ता में जब रामकृष्ण परमहंस अपने भयकंर गले के कैन्सर की अवस्था इलाज करा रहे थे। रामकृष्ण बोलने व चलने में बिलकुल असमर्थ हो गये थे और शिष्य विवेकान्नद, सारदानंद, अदभुतानंद और गृहस्थ भक्त उनकी सेवा में रात दिन लगे हुए थे। अचानक एक जनवरी 1886 के दिन ठाकुर (रामकृष्ण परमहंस) बिस्तर से उठकर इसी भवन के बगीचे में भक्तों विशेषकर गृहस्थों के बीच आ कर पूछने लगे तुमने मुझमें क्या देखा व समझा। जब भक्तों ने कहा कि आपका बखान बेद ब्यास व बाल्मीकि नही कर सके तो हम क्या हैं। ये सुनकर ठाकुर मुग्ध हो गये और वहाँ पर स्थित 30 भक्तो के प्रति प्रेम व करुणा ने उन्हें भाविष्ट कर दिया और इसी अवस्था में वह सबको स्पर्श करने लगे। इस दिन रामकृष्ण ‘कल्पतरू’ बन गये थे। ठाकुर ने अपने प्रिय शिष्य विवेकानंद द्वारा संघ का गठन करवाकर संसार को सनातन धर्म, राम, व कृष्ण, के अवतार का प्रत्यक्ष प्रमाण दिया। उक्त विचार हिन्दी प्रकाशन विभाग समिति के सदस्य उमेश कुमार चौरसिया ने विवेकानन्द केन्द्र की अजमेर शाखा द्वारा रामकृष्ण सर्किल पर आयोजित कल्पतरु दिवस महोत्सव के अवसर पर संबोधित करते हुए व्यक्त किए। नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया कि इस दौरान देश भक्ति गीतों, भजनों का गायन हुआ तथा भारत माता के चित्र पर आमजन द्वारा 101 दीप प्रज्वलित कर दीप दान किया गया। कार्यक्रम में संपर्क प्रमुख रविंद्र जैन सहनगर प्रमुख बीना रानी, युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति, व्यवस्था प्रमुख नितिन गोयल, सह विभाग संचालक कुसुम गौतम तथा पंकज पूनिया का सहयोग रहा।

ध्यान,  

Workshop

:

सशक्त नारी सामर्थ्यवान समाज का आधार - प्रांजलि येरीकर

18-Jan-2020 | 270 Present

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संस्कारवान एवं सशक्त नारी ही समर्थ समाज और विकसित राष्ट्र का आधार हो सकती है। इसके लिए देश के प्राचीन गौरव और संस्कारों के प्रति निष्ठा एवं आधुनिक समाज व्यवस्था के साथ तालमेल सीखने की आवश्यकता है। भारतीय जीवन में स्त्री ही मूल्यों एवं परंपराओं को आधुनिकता के साथ जोड़ने की महत्वपूर्ण कड़ी है किंतु फैशन की चकाचैंध में उसका यह नैसर्गिक गुण प्रकट नहीं हो पा रहा है। वर्तमान सिनेमा, टीवी धारावाहिकों एवं विज्ञापनों में स्त्री का जो स्वरूप प्रदर्शित किया जाता है वह धीरे-धीरे समाज का रोल मॉडल बनता जा रहा है और प्राचीन भारतीय रोल मॉडल जिनमें सीता, सावित्री, मैत्रेयी, गार्गी, रानी लक्ष्मी बाई और सिस्टर निवेदिता जैसे चरित्रों को विस्मृत होते जा रहे हैं जिसके कारण वर्तमान पीढ़ी संस्कारों से दूर हो रही है। वर्तमान में सोशल मीडिया जहां किशोरियों को अपने परिवार से अलग-थलग कर रहा वहीं इस एकाकीपन को दूर करने के लिए वह कुत्सित षड्यंत्रों का शिकार हो जाती हैं और ऐसे अपराधों की संख्या आज बढ़ती जा रही है। विवेकानंद केंद्र किशोरियों को न केवल आत्म सम्मान से जीने का मार्गदर्शन दे रहा है अपितु उन्हें शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, भावनात्मक और सामाजिक चुनौतियों के बारे में अवगत कराते हुए उनके सर्वांगीण विकास का प्रशिक्षण किशोरी विकास शिविरों के माध्यम से देने का प्रयास कर रहा है। उक्त विचार विवेकानंद केंद्र की प्रांत संगठक प्रांजलि येरीकर द्वारा राजकीय बालिका विद्यालय आदर्श नगर में विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की अजमेर शाखा द्वारा आयोजित किशोरी विकास शिविर के अवसर पर व्यक्त किए गए। इस अवसर पर जानकारी देते हुए केंद्र की सहनगर प्रमुख बीना रानी ने बताया कि किशोरी विकास शिविर में उपस्थित छात्राओं को व्यक्तिगत हाइजीन, विधिक साक्षरता तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गई। इसके साथ ही खेल खेल में आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। किशोरी विकास शिविर के अवसर पर ग्रामीण सामाजिक विकास संस्थान के निदेशक रूपेश शुक्ला, डॉ नेहा कोटिया, शेफाली शर्मा, याशिका यादव और शेफाली सांखला ने भी अपने विचार प्रकट किए। इस अवसर पर प्राचार्या शांता भिरयानी ने भी मार्गदर्शन प्रदान किया।

सशक्त  सशक्त

Utsav

:

एक भारत विजयी भारत की संकल्पना के साथ मनाई गई स्वामी विवेकानंद जी की जयंती

12-Jan-2020 | 200 Present

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर की ओर से आनासागर चौपाटी पर स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह आयोजित किया गया । युवाओं और आम लोगों को स्वामी विवेकानंद जी के उपदेशों और उद्देश्य की जानकारी देने हेतु चित्र प्रदर्शनी आयोजित की गई साथ ही स्वामी जी के साहित्य की स्टाल भी लगाई गई।जयंती समारोह का शुभारंभ तीन ओंकार प्रार्थना एवं स्वामी जी के भजनों के द्वारा किया गया समारोह में विभिन्न साधकों द्वारा विवेकानंद शिला स्मारक कन्याकुमारी की 50 वी वर्षगांठ पर प्रकाशित पुस्तक का वाचन लगातार जारी रहा सभी साधकों द्वारा भुवनमण्डले नवयुगमुदयतु सदा विवेकानन्दमयम् गीत गाकर उत्सव मनाया गया। नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया कि चौपाटी स्थित विवेकानंद जी के चित्र पर लोगों द्वारा पुष्पांजलि की गई तथा सैकड़ों युवाओं ने स्वामी जी के चित्र के साथ सेल्फी लेकर अपने आपको स्वामी जी के साथ आत्मसात किया। जयंती समारोह में शामिल हुए लोगों को विवेकानंद केंद्र की ओर से कन्याकुमारी स्थित स्वामी विवेकानंद शिला स्मारक का चित्र एवं पुस्तक भेंट की गई और उन्हें शिला स्मारक निर्माण के लिए देशवासियों द्वारा पूर्व में किए गए योगदान से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त विवेकानंद विस्तार में संचालित संस्कार वर्ग के बच्चो द्वारा स्वामी विवेकानंद जयंती पर रैली का आयोजन किया जिसमें युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति ने मार्गदर्शन किया।

एक  एक

Workshop

:

बच्चों के लिए जरूरी है मैदानी खेल - कीर्ति हाड़ा

27-Dec-2019 to 31-Dec-2019

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आज बच्चों में मोबाइल टीवी और सोशल मीडिया के प्रति इतनी सक्रियता हो चुकी है कि उन्हें बाहर के मैदानी खेल खेलने में रुचि ही नहीं बची जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास नहीं हो पाता है। बच्चों को कम से कम दो घंटा मैदानी खेल अवश्य खेलने चाहिए क्योंकि इससे हमारा शरीर एवं मन तरोताजा बनता है जिससे हमारे मस्तिष्क की क्षमता जैसे एकाग्रता, स्मरणशक्ति आदि का विकास होता है। आज यदि हमें कैंसर जैसी बीमारियों से बचना है तो मोबाइल के रेडिएशन से दूर रहना होगा और स्वामी विवेकानंद के विचारों का अनुसरण करते हुए अपने जीवन को उन्नत और श्रेष्ठ बनाने की दिशा में काम करना होगा। उक्त विचार पार्षद कीर्ति हाड़ा ने अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर द्वारा पांच दिवसीय आउटडोर विण्टर कैंप के समापन समारोह में धौला भाटा स्थित महाराणा प्रताप सामुदायिक भवन में व्यक्त किए। केन्द्र के युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति के अनुसार इस पांच दिवसीय कैंप में बच्चों को आदर्श दिनचर्या, पर्यावरण संरक्षण, संतुलित आहार और श्रेष्ठ जीवन तथा एक भारत विजयी भारत की संकल्पना क्रमशः अखिल शर्मा, शुभ्रा यादव, रजनी यादव ने ली। कार्यालय प्रमुख कुलदीप कुमावत ने बताया कि बच्चों को सूर्यनमस्कार एवं आसनों के अतिरिक्त विभिन्न खेल जैसे मगरमच्छ दौड़, किसान लोमड़ी, सुरंग दौड़, चरण स्पर्श आदि खिलाए गए। इस संपूर्ण कैंप के दौरान कैलाश, राकेश, समृद्धि शर्मा का सहयोग रहा।

बच्चों  

Others

:

भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित योग अमृत महोत्सव में किया सहयोग

24-Dec-2019 | 1275 Present

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योग अमृत (योग प्रतियोगिता ) एक ऐसा आयोजन है जिसका शुभारंभ सन 2017 में एक प्रयोग के रूप में किया गया योग में प्रतियोगिता एक अनूठा प्रयास था परंतु महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के मानवीय चेतना एव योग विभाग के डॉ लारा शर्मा जी की टीम तथा विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी राजस्थान प्रांत के dr स्वतंत्र जी शर्मा के सहयोग से इस कार्यक्रम को एक स्वरूप मिला। इस अवसर पर अजमेर जिले के छठी से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थी योग प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए। यह योग प्रतियोगिता विवेकानंद केंद्र द्वारा प्रतिपादित योग की पुस्तक पर आधारित रही। इस कार्यक्रम में अजमेर नगर के प्रतिष्ठित लोकेश जी अग्रवाल ,तिलोक चंद जी सोनी ,श्रीमती अंबिका जी हेड़ा, विवेकानंद केंद्र के नगर संचालक डॉ श्याम भूतड़ा जी जैसे समाजसेवी और अजमेर के सांसद श्री भागीरथ जी चौधरी तथा महापौर श्री धर्मेंद्र जी गहलोत की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को एक नया स्थान प्रदान किया। साथ ही लोढ़ा ग्रीन्स के मालिक श्रीमान रोहित जी लोढ़ा के विशेष योगदान सहित equitas banlk , unicharm india ,एमपी नानिकराम, हार्ट बीट गिफ्ट गैलरी, सतगुरु फैशन ,सन ऑप्टिक्स ,Nilo's सलून, the skool शॉपिं, जैन फर्नीचर हाउस, हिंद स्पोर्ट्स, महालक्ष्मी गजक ,राजपूताना म्यूजिक हाउस, रियल बेकर्स ,SUBG ऑनलाइन मोबाइल ऐप और Feminine एक्स्ट्रा केयर सैनिटरी नैपकिन जैसे स्पॉन्सर्स और शाखा के सभी पुरुष व महिला सदस्यों की शत प्रतिशत सहभागिता ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया।

भारत  भारत

Karyapaddhati

:

विवेक योग संगम

15-Dec-2019

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अजमेर नगर में योग चेतना जागरण की दृष्टि से अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की स्थानीय शाखा द्वारा रविवार को प्रातः 6:00 बजे से केंद्र के सभी योग वर्गों का संगम दो स्थानों पर आयोजित किया गया जिसमें नियमित योगाभ्यास के साथ-साथ क्रीडा योग के तहत विभिन्न खेल खेले गए। योग भ्रमण द्वारा पर्यावरण चेतना कार्यक्रम भी हुआ। नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया की रामकृष्ण विस्तार में नगर संचालक डॉ श्याम भूतड़ा के नेतृत्व में चाणक्य स्मारक पंचशील पर विभिन्न योग साधकों ने सूर्य नमस्कार, आसन तथा प्राणायाम का अभ्यास किया। प्रकार विवेकानंद विस्तार में दूसरा कार्यक्रम अलवर गेट स्थित सेवा मंदिर परिसर में आयोजित हुआ। योग संगम में राजकीय महाविद्यालय अजमेर की डॉ.अनीता खुराना, विस्तार संचालक दिनेश नवाल, सुभाष नवाल, युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति, सी ए लव तामरा सहित समस्त योग साधकों ने सहभागिता की।

विवेक  

Utsav

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भगवद्गीता का संदेश है युद्ध करो - प्रांजलि येरीकर

08-Dec-2019

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प्रत्येक मनुष्य के जीवन में आंतरिक तथा बाहरी युद्ध हो रहा है। इसमें विजयी होने के लिए आज कृष्ण का संदेश देने का कार्य भगवद्गीता ़द्वारा हो सकता है। गीता के द्वारा मोह दूर हो सकता है साथ ही पुरूषार्थ जागरण भी संभव है। गीता का प्रासंगिक संदेश समाजोत्थान के लिए व्यक्ति तटस्थ न होकर आक्रामक बने तभी भारत विजयी हो सकता है। महाभारत के युद्ध में भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को युद्ध करने के लिए प्रेरित किया जाना केवल धर्म स्थापना ही न होकर अच्छे लोगों के रक्षण तथा दुष्टों के विनाश के लिए भी था। आज समाज में बढ़ती हुई विकृतियों को दूर करने के लिए भले ही हमारे पास कृष्ण न हों किंतु युवाओं के रूप में अर्जुनों की कमी नहीं है। हमें केवल उन्हें संस्कार एवं मूल्य परक शिक्षा देनी होगी जो भगवद्गीता के माध्यम से ही संभव हो सकती है। केवल गीता के अध्ययन से ही यह संभव नहीं होगा बल्कि गीता के संदेश को आचरण में उतारने हेतु युवाओं को प्रशिक्षित करना होगा। समाज को संस्कारवान एवं चरित्रवान युवा देने का कार्य आज विवेकानन्द केन्द्र पूरे भारतवर्ष में कर रहा है। उक्त विचार विवेकानंद केंद्र कीे जीवनव्रती कार्यकर्ता एवं प्रान्त संगठक प्रांजलि येरीकर ने होटल आराम वैशाली नगर में आयोजित गीता जयन्ती महोत्सव के अवसर पर व्यक्त किए। नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर गीता पर आधारित प्रश्नोत्तरी का संचालन महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के योग विभाग के डाॅ0 लारा शर्मा ने किया। इस अवसर पर विजेतागण के बालकिशन ईणानी, कुशल उपाध्याय, राधा राठी, समीर शर्मा, को कर्मयोग की पुस्तक नगर संचालक डाॅ0 श्याम भूतड़ा ने भेंट की। डाॅ0 अनिता खुराना ने कर्मयोग श्लोक संग्रह का सस्वर वाचन किया तथा विवेकानन्द केन्द्र की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता भिड़े द्वारा प्रेषित गीता जयन्ती पत्र का वाचन भी हुआ।

भगवद्गीता  भगवद्गीता

Karyapaddhati

:

विवेक योग संगम

08-Dec-2019

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कौन चले भाई कौन चले, स्वामी जी के वीर चले जैसे जय घोषों के साथ आज रविवार को अजमेर , सुभाष उद्यान के योगा पार्क में विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की स्थानीय शाखा द्वारा योग संगम कार्यक्रम आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम में क्रीड़ा योग मै पिंग पोंग, रुमाल झपट्टा, नेता की पहचान ,भस्मासुर ,केंद्र चलो तथा योग दर्शन जैसे खेल शुभ शर्मा , कुलदीप, सिद्धार्थ, सावर ,प्रदीप और शेफाली दीदी ने खिलाए । प्रारंभिक शिथलीकरण अभ्यास डॉ0 भरत गहलोत ने लिया। सूर्य नमस्कार का अभ्यास सभी साधकों को डॉ. अनीता खुराना ने करवाया। त्रिकोण आसान, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन का अभ्यास करवाया गया । प्रचार प्रमुख भारत भार्गव ने बताया कि योग संगम में विवेकानंद केंद्र के प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डाॅ0 स्वतंत्र शर्मा, सह प्रांत प्रमुख अविनाश शर्मा, विभाग सह संचालक कुसुम गौतम, नगर प्रमुख अखिल शर्मा, रामकृष्ण विस्तार संचालक दिनेश नवाल, डॉ अशोक मित्तल, सहित विभिन्न दायित्ववान कार्यकर्ता और अजमेर में चल रहे 7 योग वर्गों के लगभग 50 साधकों ने सहभागिता की।

विवेक  विवेक

EBVB

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उत्तर पश्चिम रेलवे: योग एवं तनाव प्रबंधन विषय पर संवाद

26-Nov-2019 | 72 Present

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उत्तर पश्चिम रेलवे के सुपरवाइज़र ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, अजमेर में विभिन्न तकनीकी अधिकारियों के साथ योग एवं तनाव प्रबंधन विषय पर चर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सेण्टर के डायरेक्टर नरेन्द्र सिंह पटियाल भी उपस्थित थे। इस चर्चा के सूत्रधार श्री महेश शर्मा - विभाग व्यवस्था प्रमुख रहे।

उत्तर  उत्तर

EBVB

:

राष्ट्र निर्माता होता है शिक्षक - शिक्षक संवाद

26-Nov-2019 | 102 Present

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शिक्षक मात्र राज्य कर्मचारी नहीं होता बल्कि वह राष्ट्र का निर्माता होता है। उसके चिंतन का क्षेत्र भले ही विश्व हो किंतु उसका प्रभाव क्षेत्र उसकी कक्षा के विद्यार्थी होते हैं जिनको मूल्याधारित शिक्षा एवं संस्कारों को सिंचन करते हुए वह राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। शिक्षक कभी असहाय भी नहीं होता तथा समाज में शिक्षकों के योगदान को भी कभी कम नहीं आंका जा सकता। शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में निष्ठा में प्रथम दिन का उद्बोधन करते हुए उक्त विचार विवेकानन्द केन्द्र के जीवनव्रती कार्यकर्ता दीपक खैरे ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विवेकानन्द केन्द्र समर्थ शिक्षक समर्थ भारत विषयक योग प्रतिमान पर कार्य करता है जिसके द्वारा शिक्षक अपनी छिपी हुई शक्ति का जागरण करते हैं एवं अपना प्रभावी योगदान अपने विद्यालय, समाज एवं देश के लिए दे सकते हैं। इस अवसर पर राजकीय मोईनिया इस्लामिया विद्यालय के प्राचार्य डाॅ. शाहिद उल हक चिश्ती ने कहा कि भारत में अध्यात्म का विशेष महत्व हो चाहे उसका मार्ग हिन्दू अथवा इस्लाम संस्कृति हो। विवेकानन्द केन्द्र अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन जिस शिद्दत से समाज में सेवा कार्य कर रहा है यह प्रेरणादायक है। शिक्षा विभाग के एडीईओ अरूण शर्मा ने इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों से राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्ण मनोयोग से भाग लेने को कहा ताकि नवीनतम अपडेट के साथ शिक्षक अपने विद्यालयों में पहुंचे एवं इस प्रशिक्षण का लाभ विद्यार्थियों को भी प्राप्त हो सके। युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति ने विवेकानन्द शिला स्मारक के चित्र सभी प्रतिभागियों को भेंट किए तथा एक भारत विजयी भारत की संकल्पना पुस्तिका भी सभी को दी गई। इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र की विभाग सह संचालक कुसुम गौतम, युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति कार्यालय प्रमुख कुलदीप कुमावत उपस्थित थे।

राष्ट्र  राष्ट्र

EBVB

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रिटायर्ड हैं लेकिन टायर्ड नहीं - वरिष्ठ नागरिक सम्मेलन

25-Nov-2019 | 74 Present

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वरिष्ठ नागरिक भले ही रिटायर हों लेकिन उसे टायर्ड अर्थात थका हुआ नहीं होना चाहिए। जब जीवन के सामने एक लक्ष्य एवं ध्येय होता है तब वह लक्ष्य ही हमें सदैव जवान बनाए रखता है। विवेकानंद केंद्र के संस्थापक एकनाथजी रानाडे के जीवन का उदाहरण देते हुए विवेकानंद केंद्र के जीवनव्रती कार्यकर्ता दीपक खैरे ने कहा कि एकनाथजी ने अपने एक जीवन एक ध्येय की संकल्पना को साकार किया। जब लोग जीवन के उत्तरार्द्ध में विश्राम करने का विचार लाते हैं उस उम्र में एकनाथ जी ने समुंद्र लांघने का काम किया और स्वामी विवेकानन्द का एक विशाल राष्ट्रीय स्मारक राष्ट्र को समर्पित कर दिया। इस निर्माण के दौरान आने वाले राजनीतिक, आर्थिक एवं तकनीकी कठिनाइयों को भी उन्होंने अपने कर्मयोग प्रवृत्ति से आसानी से दूर कर लिया। प्रत्येक कठिनाई का समाधान निकल सकता है किंतु दृष्टिकोण की स्पष्टता आवश्यक है। विवेकानंद केंद्र से जुड़े हुए वरिष्ठ नागरिक सत्यदेव शर्मा, कुसुम गौतम, रविंद्र जैन तथा बीना रानी ने अपने जीवन से जुड़े हुए अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि जबसे विवेकानन्द केन्द्र के राष्ट्र कार्य से जुड़े हैं तब उम्र का एहसास समाप्त हो गया है एवं सदैव युवा बने रहते हुए पूरी ऊर्जा से केन्द्र का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम का संयोजन करते हुए वरिष्ठ नागरिक संस्थान के के के गौड़ ने किया। विवेकानंद केंद्र के नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने वरिष्ठ नागरिकों का केंद्र से जुड़ने का आह्वान किया और विवेकानंद शिला स्मारक का चित्र एवं एक भारत विजयी भारत की संकल्पना पुस्तिका भेंट की।

रिटायर्ड  रिटायर्ड

EBVB

:

महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय में योग द्वारा पर्यावरण प्रबंधन पर संवाद

25-Nov-2019 | 84 Present

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महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय स्थित दयानन्द शोध पीठ एवं विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के संयुक्त तत्वावधान में योग द्वारा पर्यावरण प्रबंधन विषय पर विद्यार्थियों के साथ संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री दीपक जी ने पंचमहायज्ञों की संकल्पना तथा पर्यावरण चेतना के जागरण में विवेकानन्द केन्द्र द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर विभाग के अध्यक्ष एवं शोध पीठ निदेशक डाॅ प्रवीण माथुर सहित अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

महर्षि  महर्षि

Vimarsh

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विवेकानंद का दर्शन सर्वकालिक - डॉ स्वतंत्र शर्मा

25-Nov-2019 | 78 Present

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आज महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के योग विज्ञान मानव चेतना विभाग में आचार्य महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी के उपलक्ष में आचार्य महाप्रज्ञ कृत संबोधी में अहिंसा की दृष्टि विषय पर व्याख्यानमाला आयोजित की गई जिसमें जैन विश्व भारती संस्थान के प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने अपनी विवेचना प्रस्तुत की। इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख डॉ स्वतंत्र कुमार शर्मा ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा के स्वामी विवेकानंद का जीवन और संदेश युवाओं के लिए सर्वकालिक है स्वामी विवेकानंद ने सदैव अपने सकारात्मक एवं ओजस्वी विचारों के द्वारा युवा मन को झकझोरा है और सत्यनिष्ठा एवं देश प्रेम का संदेश अपने विचारों से उकेरा है। आज युवाओं को स्वामी विवेकानंद से मार्गदर्शन प्राप्त करने की अत्यंत आवश्यकता है।

विवेकानंद  विवेकानंद

EBVB

:

एक संवाद : अजमेर के जनप्रतिनिधियों के साथ

24-Nov-2019 | 105 Present

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स्वामी विवेकानंद ने पश्चिम बंगाल राज्य के बाद भारत के राजस्थान राज्य में सर्वाधिक समय बिताया और अजमेर भी स्वामी विवेकानन्द की कर्मस्थली रहा है। स्वामी विवेकानंद ने युवा शक्ति जागरण के लिए विभिन्न स्थानों पर प्रशिक्षण केंद्र खोलने का स्वप्न देखा था और उसी स्वप्न को साकार करते हुए एकनाथजी ने राजस्थान का सबसे पहला केंद्र अजमेर में सन 1972 में खोला। आज समय की आवश्यकता है कि अजमेर में एक बृहद प्रशिक्षण केंद्र खोला जाए जिससे बालक, युवा, प्रौढ़, वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज का प्रत्येक वर्ग योग, स्वाध्याय, संस्कार, सेवा, एवं नैतिक मूल्यों की स्थापना का स्वामी विवेकानन्द का स्वप्न साकार हो सके। विवेकानन्द केन्द्र के दक्षिण में कन्याकुमारी, उत्तर में काश्मीर तथा पूर्व में गुवाहाटी में प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित हो चुके हैं जिनके द्वारा सांस्कृतिक विरासत एवं योग के प्रशिक्षण का बड़ा कार्य किया जा रहा है। भारत के हृदयस्थल दिल्ली में भी विवेकानन्द इण्टरनेशनल फाउण्डेशन द्वारा विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विरासत के सूत्रों को जोड़ने का कार्य भी विवेकानन्द केन्द्र कर रहा है। एकनाथ जी का स्वप्न पश्चिम भारत के अजमेर शहर में प्रशिक्षण केन्द्र खोलकर पूरा किया जाना आज समय की आवश्यकता है। उक्त बात विवेकानंद केंद्र के जीवनव्रती कार्यकर्ता दीपक खैरे ने विभिन्न जनप्रतिनिधियों से राजनीतिक शुचिता एवं योग द्वारा चेतना विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है की अजमेर में विवेकानंद स्मृति वन जो वर्षों से लंबित है उस पर गंभीरता से कार्य अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने राजस्थान के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए अविलंब इस विषय में कार्यवाही करने की अपेक्षा की। इस अवसर पर नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अनिता भदेल ने विवेकानन्द केन्द्र द्वारा योग से जनचेतना के अभियान की सराहना की तथा इसके लिए कार्यकर्ताओं को बड़े पैमाने पर प्रशिक्षित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

एक  एक

Vimarsh

:

राजस्थान मेडिकल शिक्षक एसोशिएशन से योग से समग्र स्वास्थ्य के आयाम- एक संवाद

23-Nov-2019 | 224 Present

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आज विभिन्न शोध अध्ययनों से यह ज्ञात हो चुका है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ योग शिक्षा को समन्वित कर दिया जाए तो मानव जाति के समग्र स्वास्थ्य की प्राप्ति की जा सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी शरीर के साथ साथ मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास को ही अच्छे स्वास्थ की आवश्यकता मानता है। विवेकानंद केंद्र इसमें आध्यात्मिक स्वास्थ्य को भी जोड़ कर देखता है। आज पूरी मानव जाति तनाव, चिंता एवं अवसादजनित मनोदैहिक रोगों से ग्रस्त है जिसकी चिकित्सा अकेले एलोपैथी से ही संभव नहीं है। जहां एलोपैथी उपचारात्मक चिकित्सा पद्धति है वहीं योग से शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ जाती है। उक्त विचार विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के जीवन वृति कार्यकर्ता दीपक खैरे ने राजस्थान मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित योग से समग्र स्वास्थ्य के आयाम विषय पर अपने विचार प्रकट करते हुए मेडिकल काॅलेज में व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि संपूर्ण विश्व में चिकित्सक को लोग भगवान के समान समझते हैं और समाज के समग्र स्वास्थ्य के लिए चिकित्सकों द्वारा आज योग आसन प्राणायाम इत्यादि को भी अपने चिकित्सा परिचर्या में शामिल किया जाना चिकित्सकों की लोगों के प्रति समग्र स्वास्थ्य की चिंता को ही प्रतिबिंबित करता है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में बोलते हुए मेडिकल काॅलेज के अतिरिक्त प्राचार्य डॉक्टर भास्कर ने कहा कि हमें अपनी दृष्टि को प्राकृतिक दृष्टि से रूपांतरित करते हुए आध्यात्मिक दृष्टि में परिवर्तित करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्याम भूतड़ा ने इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र द्वारा किए जा रहे समाज उपयोगी कार्यों की जानकारी भी प्रदान की। इस अवसर पर डाॅ. मधु माहेश्वरी, डाॅ. संजीव माहेश्वरी, डाॅ. राकेश पोरवाल, डाॅ. कुमकुम सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राजस्थान  

Workshop

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राजकीय कन्या विद्यालय पहाड़गंज में योग एवं विद्यार्थी जीवन पर कार्यशाला

23-Nov-2019 | 263 Present

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राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय पहाड़गंज, अजमेर में योग एवं विद्यार्थी जीवन विषय पर श्री दीपक खैरे ने अपना उद्बोधन प्रदान किया। इस कार्यक्रम कीे मुख्य अतिथि अजमेर दक्षिण विधायक श्रीमती अनिता भदेल थी। श्रीमती भदेल ने विवेकानंद केंद्र द्वारा विद्यार्थियों के लिए परीक्षा का तनाव प्रबंधन, अध्ययन की वैज्ञानिक विधि तथा उससे जुड़े हुए विभिन्न आयामों पर किए गए वैज्ञानिक शोधों एवं प्रतिमानों की सराहना की तथा इसे प्रत्येक विद्यार्थी को अंगीकार करने पर जोर दिया। प्राचार्य श्रीमती बीना जी उपस्थित थीं।

राजकीय  राजकीय

Workshop

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योग सत्र शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला

22-Nov-2019 to 27-Nov-2019

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योग विवेकानंद केंद्र का प्राण स्वर है जिसके द्वारा मनुष्य निर्माण से राष्ट्रपुरुत्थान की संकल्पना को साकार किया जा सकता है। यह साधना व्यक्ति को समाज से जोड़ने तथा मन, शरीर और प्राण की शुद्धि के लिए होती है। जीवन में श्रेष्ठता और देवत्व की ओर बढ़ना ही मनुष्य जन्म की सार्थकता है। स्वामी विवेकानंद इसेे देवत्व का प्रकटीकरण कहते हैं। उक्त विचार विवेकानंद केंद्र के जीवनव्रती कार्यकर्ता दीपक खैरे ने माहेश्वरी सेवा समिति कृष्णगंज में चल रहे पंचदिवसीय योग सत्र शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन के अवसर पर व्यक्त किए। केंद्र के नगर संचालक डॉ श्याम भूतड़ा ने बताया कि इस कार्यशाला से योग शिक्षकों को आसन, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार की बारीकियों को समझने में सहायक हुई एवं नए योगसत्रों को आयोजित करते हुए उन्हें नियमित योग वर्गों में परिवर्तित करने का लक्ष्य भी प्रत्येक योग साधक ने लिया है। नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया की केंद्र के जीवनव्रती कार्यकर्ता दीपक खैरे ने विगत सात दिवसों में अजमेर के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों, मेडिकल संस्थानों, विद्यार्थियों तथा शिक्षकों के मध्य योगाधारित संवाद किया जो सार्थक रहा। इस अवसर पर विस्तार संचालक दिनेश नवाल, योग शिक्षक राधा राठी, सुधा मालू, शशांक बजाज आदि का सहयोग रहा।

योग  

Workshop

:

माहेश्वरी पब्लिक स्कूल :परीक्षा के भय से मुक्ति की कार्यशाला

22-Nov-2019 | 267 Present

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आज के प्रतियोगिता के युग में परीक्षा का तनाव विद्यार्थियों की नैसर्गिक प्रतिभा को उभरने नहीं देता है और वे प्रतिस्पर्धी व्यवहार के कारण अपना श्रेष्ठ परिणाम नहीं निकाल पाते हैं जिससे विद्यार्थी कुंठा ग्रस्त होने लगता है। वस्तुतः परीक्षा एक बोझ नहीं है अपितु यह स्वयं के विकास का एक अवसर है। विवेकानंद केंद्र द्वारा विकसित विसंजा अध्ययन विधि से विद्यार्थी कम समय में वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन करते हुए श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त किया जा सकता है। योग, प्राणायाम एवं आवर्तन ध्यान की विभिन्न तकनीकों से विद्यार्थी अपनी बैठक क्षमता में अभिवृद्धि कर सकता है। उक्त विचार विवेकानंद केंद्र के जीवनव्रती कार्यकर्ता दीपक खैरे ने माहेश्वरी पब्लिक स्कूल के सीनियर कक्षा के विद्यार्थियों के बीच व्यक्त किए। इस अवसर पर माहेश्वरी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य डाॅ. आर के श्रीवास्तव सहित सहयोगी शिक्षकों एवं स्टाफ का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ

माहेश्वरी  माहेश्वरी

Workshop

:

राजकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज में योग से व्यक्तित्व निर्माण पर कार्यशाला

22-Nov-2019 | 95 Present

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राजकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज माखुपुरा में योग विषय पर विद्यार्थियों से चर्चा में खैरे ने कहा की योग व्यक्ति के भीतर छिपी हुई असीम संभावनाओं को व्यक्त करने माध्यम है। प्रचंड ऊर्जा योग के चार मार्ग कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञान योग एवं राजयोग के द्वारा व्यक्त होती है। यदि व्यक्ति अपने जीवन में राजयोग का अभ्यास करे और कर्मयोग का आचरण करें तब वह श्रेष्ठत्व की ओर पहुंच सकता है। विवेकानंद केंद्र के नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया की इस अवसर पर महिला पाॅलीटैक्निक काॅलेज की प्राचार्या डाॅ. मधु गोयल का सहयोग प्राप्त हुआ। विवेकानंद शिला स्मारक के 50 वर्ष के अवसर पर किए जा रहे इस संपर्क अभियान के तहत जन जागरण का यह कार्य विवेकानंद केंद्र द्वारा निरंतर चलाया जा रहा है।

राजकीय  राजकीय

Workshop

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मयूर स्कूल में विद्यार्थी व्यक्तित्व विकास कार्यशाला

21-Nov-2019 | 215 Present

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बचपन से जिन संस्कारों को मानव अपनी आदतों में ढाल लेता है वही संस्कार उसका स्वभाव बन जाते हैं। अच्छी आदतों को किशोरावस्था में ही अंगीकार कर लिया जाता है तो पूरा जीवन सफल और प्रभावी हो जाता है। जीवन में प्रोएक्टिव होना अर्थात पहल करना। जब हम अंतिम लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए कार्य करना सीखने लगते हैं तो कार्य की समझ, दूसरों के दृष्टिकोण का अनुभव तथा समूह में मिलकर कार्य करने जैसे गुण स्वमेव ही विकसित होने लगते है। स्वामी विवेकानन्द ने इसी को मनुष्य में छिपे हुए देवत्व के प्रगटीकरण का मार्ग बताया है। उक्त विचार विवेकानन्द केन्द्र के जीवनव्रती कार्यकर्ता दीपक खैरे ने विवेकानन्द शिला स्मारक के 50 वें वर्ष के अवसर पर मयूर स्कूल में आयोजित विद्यार्थी संपर्क कार्यशाला के दौरान व्यक्त किए। नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया कि विद्यालय के प्राचार्य अधिराज सिंह से भेंट कर विवेकानन्द केन्द्र के संस्थापक एकनाथ रानडे के जीवन एवं शिला स्मारक की विजयगाथा के बारे में भी बताया गया। विवेकानन्द केन्द्र के रविन्द्र जैन, कुसुम गौतम, बीना रानी, अंकुर प्रजापति, कुलदीप कुमावत तथा मयूर स्कूल से सिंधु चतुर्वेदी, रसल एन्थोनी, शीलू रामचंदानी तथा करूणा टण्डन का सहयोग रहा।

मयूर  मयूर

EBVB

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एचएमटी में जीवन कार्य संतुलन पर व्याख्यान का आयोजन

20-Nov-2019 | 69 Present

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जीवन में सफलता अर्जित करने के लिए प्रत्येक पल महत्वपूर्ण है। समय के पूर्ण नियोजन से ही सबकुछ प्राप्त हो सकता है। विवेकानन्द केन्द्र के संस्थापक एकनाथ रानडे के जीवन को देखते हुए जब हम नियोजन की बात करते हैं तो यह नियोजन इस रूप में हो कि जैसे हम कभी मरने वाले ही नहीं है किंतु जब इस पर क्रियान्वयन की बात आए तब ऐसा भाव हो कि हमारे पास केवल एक ही दिन है और वह है आज। प्रत्येक घंटे के अंतराल पर नियोजन का पुनरावलोकन भी बहुत आवश्यक है। स्वामी विवेकानन्द कहते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति की क्षमता असीमित होती है लेकिन उसे पहचानना कठिन होता है। अपनी क्षमताओं की तुलना जब दूसरों होने लगती है तब हम कमजोर हो जाते हैं जबकि यह बात वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चुकी है कि कठिनतम परिस्थितियों में भी व्यक्ति अपनी विलक्षण क्षमताओं का परिचय देता है किंतु यदि हम मुसीबत से घबरा जाते हैं तब वह क्षमता भी विलुप्त हो जाती है। जीवन की श्रेष्ठता के लिए कुछ बातों को अपनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है जिन में सर्वप्रथम प्रातःकाल उठकर योग प्राणायाम इत्यादि करना तथा उसके बाद अपने स्वयं को अपडेट करना। जीवन में निरंतर संवाद चलता रहना चाहिए जिससे हम अपने व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों का प्रगटन कर सकें। उक्त विचार विवेकानंद केंद्र के जीवनव्रती कार्यकर्ता दीपक खैरे ने हिंदुस्तान मशीन टूल्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम में जीवन कार्य संतुलन विषय पर प्रकट किए। वे विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के शिला स्मारक के 50 वर्ष के अवसर केन्द्र की अजमेर शाखा द्वारा आयोजित संपर्क कार्यक्रम के तहत अपना संबोधन दे रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एचएमटी के जनरल मैनेजर श्री नवीन जी गोखरू ने की। उन्होंने विवेकानंद केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्य की आवश्यकता तथा स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं के समाज में प्रचार और उनसे युवाओं को प्राप्त प्रेरणा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने हेतु इंगित किया। नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने विवेकानंद केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभाग संपर्क प्रमुख रविंद्र कुमार जैन, युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति तथा कार्यालय प्रमुख कुलदीप कुमावत भी उपस्थित थे।

एचएमटी  एचएमटी

EBVB

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एकल संपर्क - मयूर स्कूल के प्राचार्य श्री अधिराज सिंह से संपर्क

18-Nov-2019

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विवेकानंद शिला स्मारक संपर्क अभियान कार्यक्रम के तहत आज अजमेर के प्रतिष्ठित मयूर स्कूल के प्राचार्य श्रीमान अधिराज सिंह जी के साथ संपर्क किया गया| विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर के नगर प्रमुख अखिल शर्मा एवं कार्यकर्ता श्रीमती रजनी जी यादव इस अवसर पर उपस्थित थे

एकल  

Utsav

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साधना दिवस

17-Nov-2019 | 75 Present

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"किसी भी राष्ट्र के पुनरुत्थान के लिए उसके नागरिकों का लोकसंस्कार जरूरी है। लोकसंस्कार का अर्थ सभी जातियों, वर्ण तथा भिन्नता को दरकिनार करते हुए भारत के उत्थान के लिए संगठित होकर काम करना। जब आपसी मतभेदों को बुलाकर एक वृहद् उद्देश्य की पूर्ति के लिए श्रेष्ठ विचार पर श्रद्धा पूर्वक कार्य करना प्रारंभ किया जाता है तब सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होता है। परंतु इसके लिए आवश्यक है कि हम बिना किसी पूर्वाग्रह के आगे बढ़ें और अपने उद्देश्य के प्रति स्पष्ट रहें। जीवन में सकारात्मक भाव से सबकुछ प्राप्त किया जा सकता है। एक भारत विजयी भारत संपर्क कार्यक्रम के अवसर पर आयोजित साधना दिवस में विवेकानन्द केन्द्र कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अजमेर दक्षिण कीे विधायक अनिता भदेल ने कहा कि विवेकानन्द शिला स्मारक के 50 वर्ष के अवसर पर संपर्क के लिए एक व्यवस्थित योजना बनाते हुए प्रत्येक भारतवासी के हृदय में व्याप्त स्वामी विवेकानंद के प्रति श्रद्धा और उनके विचारों को प्रचारित करने का यह सुनहरा अवसर है। उन्होंने विवेकानंद केंद्र के संस्थापक एकनाथजी रानडे के बारे में बताया कि एकनाथजी लोकसंपर्क को संगठन की आधारशिला मानते हुए इससे वाणी के परिष्कृत होने की बात कहते थे। इस प्रकार जब संपर्क साधना बन जाता है तब ही साधना दिवस का सही अर्थों में मनाना सार्थक होगा। विवेकानन्द केंद्र के नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया एकनाथजी के जन्मदिवस पर आयोजित साधना दिवस को विवेकानंद केंद्र के रामकृष्ण विस्तार में शिवाजी पार्क तथा विवेकानंद विस्तार में भजन गंज योग वर्गों में मनाया गया। इस अवसर योगाभ्यास में आसन, सूर्यनमस्कार तथा विभिन्न खेलों का आयोजन हुआ। इस अवसर पर केंद्र के नगर संचालक डॉ श्याम भूतड़ा, विभाग सह संचालक कुसुम गौतम, विभाग संपर्क प्रमुख रविन्द्र जैन, युवाप्रमुख अंकुर प्रजापति, सह नगर प्रमुख बीना रानी, विस्तार संचालक दिनेश नवाल, विस्तार प्रमुख कुशल उपाध्याय, प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख डॉ. स्वतंत्र शर्मा सहित सभी कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा। इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता भिड़े द्वारा प्रेषित पत्र का वाचन भी किया गया। इस अवसर पर दोनों विस्तारों के 75 लोगों की उपस्थिति थी।"

साधना  साधना

Karyapaddhati

:

विवेक योग संगम

10-Nov-2019

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"व्यक्तिगत चेतना जब समष्टि रूप हो जाती है तब वह परमेष्टि के रूप में संपूर्ण विश्व का मार्गदर्शन करने को प्रवृत्त होती है और यह रूपांतरण केवल योग के द्वारा ही संभव है। सुदूर दक्षिण में वह शिला जिस पर विवेकानंद स्मारक बना हुआ है वह अपनी आध्यात्मिक चेतना को प्रत्येक भारतवासी के हृदय में जाग्रत कर रही है और यही भाव विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी अपनी अजमेर शाखा द्वारा नियमित योग वर्गों के माध्यम से जाग्रत कर रहा है। विवेकानंद केंद्र के संस्थापक एकनाथजी रानडे द्वारा स्थापित यह प्रकल्प आज देश के लाखों युवक-युवतियों के माध्यम से अपनी विशिष्ट कार्य पद्धति जिसमें शिक्षा, चिकित्सा, पर्यावरण संरक्षण, योग, स्वाध्याय एवं संस्कार द्वारा मनुष्य निर्माण से राष्ट्र पुनरुत्थान का कार्य नित्य निरंतर कर रहा है। सुभाष उद्यान में मासिक योग संगम के आयोजन के अवसर पर उक्त विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर संघचालक सुनील दत्त जैन ने व्यक्त किए। इस अवसर पर कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि अजमेर दक्षिण की विधायक श्रीमती अनिता भदेल भी उपस्थित थीं। योग संगम का संचालन रामकृष्ण विस्तार के शिवाजी पार्क योग वर्ग द्वारा किया गया जिसमें विस्तार संचालक दिनेश नवाल, योग शिक्षक राधा राठी, शशांक बजाज, तृप्ति चंद्रावत सहित सभी कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा। "

विवेक  विवेक

EBVB

:

एकल संपर्क - श्री भगीरथ चौधरी - माननीय सांसद अजमेर

09-Nov-2019

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर के कार्यकर्ताओं ने अजमेर के सांसद श्री भगीरथ चौधरी जी से संपर्क किया इस अवसर पर नगर प्रमुख अखिल शर्मा, विवेकानंद हिंदी प्रकाशन विभाग समिति के श्री उमेश कुमार चौरसिया, विभाग संपर्क प्रमुख श्री रविंद्र जैन, श्री लव तामरा, भारत भार्गव एवं अन्य उपस्थित थे

एकल  

EBVB

:

एकल संपर्क - डॉ. श्रीगोपाल बाहेती - पूर्व यूआईटी चैयरमेन

08-Nov-2019

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"स्वामी विवेकानंद ने पूरे विश्व को एकता के सूत्र में बांधने का संदेश दिया और विवेकानंद शिला स्मारक उसकी एक जीती जागती मिसाल है। देश के अनेक महापुरुषों जिनमें महात्मा गांधी, स्वामी दयानंद, गुरु नानक देव तथा महावीर स्वामी ने भी यही कार्य अपने जीवन में किया है। भारत के इन महापुरुषों के योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता किंतु आज देश को अखंड बनाने वाली ताकतों की आवश्यकता है जिसे विवेकानंद केंद्र भली प्रकार से कर रहा है। उक्त विचार पूर्व विधायक डॉ श्रीगोपाल बाहेती ने विवेकानंद केंद्र के संपर्क अभियान के दौरान व्यक्त किए। इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र के नगर संचालक डॉ श्याम भूतड़ा, विस्तार संचालक दिनेश नवाल, विभाग संपर्क प्रमुख रविंद्र जैन, उमेश चौरसिया सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।"

एकल  

EBVB

:

एकल संपर्क - श्री हनुमान सिंह राठौड़ - क्षेत्र कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

07-Nov-2019

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भारतीय सनातन विचार को देश काल परिस्थिति के अनुसार परिभाषित करके उसे नर सेवा नारायण सेवा के रूप में प्रतिस्थापित करने वाले स्वामी विवेकानंद का शिला स्मारक आज करोड़ों भारतीयों का प्रेरणा स्त्रोत है| व्यक्ति के चरित्र का निर्माण करते हुए उसे उत्कृष्ट विचारों के अनुरूप ऊपर उठाना ही स्वामी विवेकानंद का ध्येय था | उन्होंने देश के हजारों युवक-युवतियों का आह्वान किया और भारत के उत्थान के लिए संपूर्ण भारत में जगह-जगह संस्कार केंद्रों की स्थापना करने का लक्ष्य रखा| स्वामी विवेकानंद के इसी विचार को दृश्य रूप में लाने हेतु जिस प्रकल्प को एकनाथ जी ने खड़ा किया उसे आज विवेकानंद शिला स्मारक के रूप में जाना जाता है | विवेकानंद शिला स्मारक इस मायने में महत्वपूर्ण है कि जब श्रीपाद शिला स्वामी विवेकानंद को राष्ट्रभाव जागरण में सहायक हो सकती है उसी प्रकार यह प्रत्येक भारतवासी को भी अपने देश के प्रति समर्पण हेतु प्रेरणा का स्त्रोत बन सकती है | इसी उद्देश्य को पूर्ण करने हेतु इस स्मारक का निर्माण किया गया है| शिला स्मारक वह तपोभूमि है कि यदि वहां पर बैठकर देश के उत्थान का विचार मन में लाया जाता है तो वह सार्थक रूप में फलीभूत होना निश्चित है | यही कारण है कि देश भर के अनेक युवक-युवती उस तपोभूमि की ओर आकर्षित हुए जिन्होंने अपना पूरा जीवन देते हुए जीवनव्रती और समर्पित कार्यकर्ताओं के रूप में काम करते हुए इस राष्ट्र जागरण के जिस कार्य को आगे बढ़ाया उसमे न केवल योग, स्वाध्याय और संस्कार अपितु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भौगोलिक एवं सांस्कृतिक संबंधों की जड़ों को खोजने का कार्य कर रहा है| यदि भारत के वास्तविक स्वरूप का दर्शन भारत माता के चरणों में बैठकर करना हो तो प्रत्येक भारतीय को विवेकानंद शिला स्मारक अपने जीवन में अवश्य जाना चाहिए | उक्त विचार प्रसिद्ध चिंतक एवं शिक्षाविद हनुमान सिंह राठौड़ ने विवेकानंद शिला स्मारक संपर्क कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए| इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र हिंदी प्रकाशन समिति सदस्य साहित्यकार उमेश कुमार चौरसिया, विवेकानंद केंद्र के प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख डॉ स्वतंत्र शर्मा, विभाग संपर्क प्रमुख रविंद्र कुमार जैन, नगर प्रमुख अखिल शर्मा उपस्थित थे|

एकल  

EBVB

:

महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर में संपर्क

06-Nov-2019

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विवेकानंद शिला स्मारक देशवासियों को अपने राष्ट्र के प्रति प्रेमभाव जागृत करने के साथ ही साथ स्वच्छता का संदेश भी देता है। शिला स्मारक का रखरखाव विवेकानंद केंद्र के कार्यकर्ता इतनी कुशलता एवं तत्परता से करते हैं जोकि अपने आप में एक गौरवपूर्ण मिसाल है। संपूर्ण विश्व के मानव समुदाय को वेदांत के व्यावहारिक स्वरूप का परिचय कराने वाले स्वामी विवेकानंद का संदेश विवेकानंद शिला स्मारक विगत 50 वर्षों से दे रहा है। उक्त विचार महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के कुलपति डॉ आर पी सिंह ने विवेकानंद शिला स्मारक संपर्क कार्यक्रम के तहत व्यक्त किए। उन्होंने अपने महाविद्यालय काल के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि जब वे विद्यार्थियों को लेकर कन्याकुमारी गए थे तब विवेकानंदपुरम में निवास करने का विचार आया एवं वहां पर निवास के दौरान शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति किया गया आत्मीय व्यवहार एवं सुंदर आध्यात्मिक वातावरण आज तक स्मरण में आता है। डॉ आर पी सिंह ने विवेकानंद केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा विवेकानंद केंद्र कार्यालय के दर्शन की भी इच्छा प्रकट की। संपर्क कार्यक्रम के दौरान आज विश्वविद्यालय में पर्यावरण विभाग के विभागाध्यक्ष एवं दयानंद शोध पीठ के निदेशक प्रो प्रवीण माथुर तथा प्राणी विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ सुभाष चंद्र से भी संपर्क किया गया। नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया कि संपर्क कार्यक्रम में विवेकानंद हिंदी प्रकाशन समिति सदस्य एवं पूर्व राजस्थान साहित्य अकादमी सदस्य उमेश कुमार चौरसिया, प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख डॉ स्वतंत्र शर्मा, विभाग संपर्क प्रमुख रविंद्र कुमार जैन तथा योग शिक्षक डॉ रेनू शर्मा भी उपस्थित रहीं।

महर्षि  महर्षि

Workshop

:

विद्यालयीन स्वाध्याय कार्यशाला

05-Nov-2019

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अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की अजमेर शाखा द्वारा राजकीय उच्च अध्ययन शिक्षण संस्थान के b.Ed के विद्यार्थियों तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नगरा के 11वीं और 12वीं की छात्राओं के साथ युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन के दौरान युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति ने बताया कि आज युवा को आधुनिक विचारों के साथ साथ अपने सनातन वैदिक मूल्यों के आधार पर अपने विकास का मार्ग तय करना होगा। यदि हम अपने जीवन के सर्वोच्च लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहते हैं तो स्वामी विवेकानंद का जीवन और संदेश हमें इस लक्ष्य प्राप्ति में सहायक हो सकता है। प्रजापति ने कहा कि विवेकानंद केंद्र अपनी निश्चित कार्य पद्धति द्वारा युवाओं में न केवल संस्कारों का पोषण करता है अपितु उन्हें आदर्श जीवन शैली के आचरण के साथ अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने का मार्ग भी दिखाता है। युवा सम्मेलन में नगर सह प्रमुख बीनारानी तथा कार्यालय प्रमुख कुलदीप कुमावत भी उपस्थित थे। उठो जागो युवा प्रतियोगिता में सफल रहे विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए

विद्यालयीन  

EBVB

:

एकल संपर्क - प्रो- वासुदेव देवनानी

03-Nov-2019

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वर्ष 1970 में माननीय एकनाथजी रानडे द्वारा संपूर्ण भारत को स्वामी विवेकानंद के नूतन विचारों के प्रेरणा स्रोत के रूप में सुदूर दक्षिण छोर पर स्थित श्रीपाद शिला पर निर्मित विवेकानंद शिला स्मारक आज संपूर्ण विश्व में नूतन भारत के ओजस्वी विचारों का संप्रेषण कर रहा है । यह एक शाश्वत सत्य है कि जब जब भारत एक हुआ है तब तब वह विजयी भी हुआ है। अतः हम सब का कर्तव्य भारत को एक करना होना चाहिए जिसमें विवेकानंद केंद्र अपनी विशिष्ट कार्य पद्धति के साथ अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रहा है। उक्त विचार अजमेर उत्तर के विधायक वासुदेव देवनानी ने विवेकानंद शिला स्मारक के 50 में वर्ष के तहत  चलाए जा रहे संपर्क अभियान के अंतर्गत व्यक्त किए। इस अवसर पर देवनानी ने माननीय एकनाथ जी के साथ बिताए अपने महत्वपूर्ण क्षणों को भी याद किया उन्होंने कहा कि संपूर्ण विश्व को शिकागो से अपना संदेश देने वाले स्वामी विवेकानंद का यह शिला स्मारक प्रत्येक भारतवासी के एक और दो रुपयों के सहयोग से निर्मित हुआ है जिसमें तत्कालीन सारे भारत की राज्य सरकारों ने अपने राजनीतिक स्वार्थों से ऊपर उठकर आर्थिक सहयोग प्रदान किया था जिसके कारण सच्चे अर्थों में यह एक राष्ट्रीय स्मारक है और हमें इस राष्ट्रीय स्मारक की विजय गाथा का अध्ययन करना चाहिए और राष्ट्रहित में अधिक से अधिक इसका प्रचार करना चाहिए। इस अवसर पर विवेकानंद हिंदी प्रकाशन विभाग की प्रकाशन समिति के अध्यक्ष डॉ अशोक माथुर, सीमा माथुर, प्रकाशन समिति के सदस्य उमेश कुमार चौरसिया, विवेकानंद केंद्र के प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख डॉ स्वतंत्र शर्मा, युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति, सह नगर प्रमुख बीना रानी, प्रचार प्रमुख भारत भार्गव तथा केंद्र कार्यकर्ता मनीषा दीदी भी उपस्थित थी

एकल  

Karyapaddhati

:

विवेक योग संगम

20-Oct-2019

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अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के रामकृष्ण विस्तार का योग संगम शहीद भगत सिंह उद्यान वैशाली नगर में आयोजित किया गया।  इस योग संगम में उद्यान के योग वर्ग सहित चाणक्य स्मारक पंचशील नगर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर एलआईसी कॉलोनी तथा शिवाजी पार्क कृष्णगंज के योग वर्ग के साधकों ने भी भाग लिया।शिथिलीकरण अभ्यास, सूर्य नमस्कार, आसन एवं प्राणायाम के अभ्यास सहित क्रीड़ा योग के तहत विभिन्न खेल खेले गए। योग चर्चा करते हुए विवेकानंद हिंदी प्रकाशन विभाग समिति सदस्य उमेश कुमार चौरसिया ने बताया की योग संगम के द्वारा विवेकानंद केंद्र अपने विभिन्म विस्तारों में योग का प्रसार कर रहा है। योग के द्वारा शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक तथा भावनात्मक विकास की ओर जब व्यक्ति बढ़ने लगता है तब उसे अध्यात्म की सिद्धि प्राप्त होती है और संपूर्ण विश्व में आज यह सिद्ध हो चुका है कि विकास का आधार यदि अध्यात्म नहीं होता है तो वह विकास विनाश का कारण बन जाता है। इसी कारण वैश्विक स्तर पर शांति की स्थापना करने के लिए योग का अनुसरण पूरी दुनिया करने को प्रवृत्त हो रही है। ऐसे में भारतीय होने के नाते हम सबको योग से जुड़कर समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान करना चाहिए। आज के इस योगसंगम में विस्तार संचालक दिनेश नवाल, विस्तार प्रमुख कुशल उपाध्याय, योग वर्ग प्रमुख डॉ भरत सिंह गहलोत सहित केंद्र के युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति तथा जीवनव्रती कार्यकर्ता मनीषा दीदी का भी सानिध्य प्राप्त हुआ।

विवेक  

EBVB

:

सामूहिक संपर्क - वरिष्ठ नागरिक

19-Oct-2019

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स्वामी विवेकानंद के जन्मशती वर्ष 1963 चीन के हाथों हार हो जाने पर जब पूरे देश में एक अवसाद का वातावरण था उससे उबरने के लिए स्वामी विवेकानंद के विचारों को लेकर एक आध्यात्मिक जागरण और भारत के गौरव को बढ़ाने के लिए जिस सकारात्मक ऊर्जा की आवश्यकता होती है उसका प्रसारण समाज और राष्ट्र में विवेकानंद शिला स्मारक के द्वारा हुआ स्मारक के संस्थापक एकनाथजी रानडे का जीवन हमें इस बात के लिए प्रेरित करता है कि जीवन में कठिनाइयों के सामने कभी झुकना नहीं है और एक से एक जुड़ते हुए संगठन बनाते हुए आगे बढ़ते जाना है यही विचार आज पूरे देश में विवेकानंद केंद्र शिला स्मारक के 50 में वर्ष में प्रवेश करने के अवसर पर प्रचारित प्रसारित कर रहा है उक्त विचार विवेकानंद केंद्र के प्रकाशन समिति के सदस्य तथा राजस्थान साहित्य अकादमी के सदस्य श्री उमेश कुमार चौरसिया ने शिला स्मारक के संपर्क अभियान के अवसर पर सीनियर सिटीजन ग्रुप 3 की बैठक में व्यक्त किए संपर्क अभियान के दौरान ही श्री मदनलाल शर्मा तथा सुभाष चांदना ने विवेकानंद शिला स्मारक पर अपने बिताए हुए क्षणों को याद किया और विभिन्न संस्करणों को लोगों से साझा किया संपर्क अभियान हेतु आयोजित इस बैठक का संचालन विभाग संपर्क प्रमुख रविंद्र जैन ने किया सदस्यता अभियान के बारे में जानकारी विभाग संचालक सत्यदेव शर्मा ने दी कार्यक्रम में विभाग सह संचालक कुसुम गौतम नगर सह प्रमुख बीना रानी तथा नगर व्यवस्था सह प्रमुख लव तामरा का भी सहयोग प्राप्त हुआ

सामूहिक  

Utho-Jaago

:

युवा सम्मलेन

18-Oct-2019

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अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन विवेकानंद केंद्र अपनी बहुआयामी कार्य पद्धति के प्रशिक्षण से युवा को आध्यात्मिक स्तर पर संकल्पित करने के प्रति कटिबद्ध तो है ही साथ ही वह शारीरिक मानसिक बौद्धिक भावनात्मक एवं आध्यात्मिक स्तर पर इस कार्य पद्धति के द्वारा युवाओं को प्रशिक्षण देने का कार्य भी निरंतर कर रहा है योग स्वाध्याय एवं संस्कार के द्वारा समाज को दिशा प्रदान करने वाले ऐसे युवाओं का प्रशिक्षण हो रहा है जो विद्यालयों में जाकर नई पीढ़ी को स्वामी विवेकानंद के विचारों से अवगत करा सकें स्वामी विवेकानंद के गुरु ने उन्हें आत्म कल्याण के मार्ग पर न चलकर राष्ट्र कल्याण के मार्ग का रास्ता दिखाया और यही कार्य विवेकानंद केंद्र मनुष्य निर्माण से राष्ट्र पुनरुत्थान के कार्य को आगे बढ़ाते हुए कर रहा है समर्थ और संकल्पित युवा इस देश की सांस्कृतिक विरासत एवं भौतिक उन्नति का आधार बन सकता है यदि वह अपने जीवन में संस्कारों को व्यावहारिक रूप से जीने का प्रशिक्षण प्राप्त कर लेता है उक्त विचार विवेकानंद केंद्र के प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख डॉ स्वतंत्र शर्मा ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के योग एवं मानव चेतना विभाग में आयोजित युवा सम्मेलन के अवसर पर व्यक्त किए युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति ने बताया कि युवा सम्मेलन में असंभव को संभव कर लेने की क्षमता के लिए जिन चारित्रिक गुणों की आवश्यकता होती है और संकल्प बद्ध होकर कार्य कैसे किया जाता है इस विषय पर अनेक युवाओं ने अपना प्रेजेंटेशन  दिया साथ ही युवाओं को नमस्ते जी तिलक ताली तथा हाथी घोड़ा पालकी जैसे खेल खिलाए गए इस दौरान योग विभाग के डॉ लारा शर्मा एवं विभागाध्यक्ष डॉ जयंती देवी भी उपस्थित थे केंद्र कार्यकर्ताओं के रूप में कुलदीप कुमावत तथा आशीष गिरिधर का सहयोग रहा

युवा  युवा

Utho-Jaago

:

युवा सम्मलेन

14-Oct-2019 | 62 Present

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अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन विवेकानंद केंद्र द्वारा अजमेर के जियालाल टीटी कॉलेज में उठो जागो युवा प्रतियोगिता के आयोजन के दूसरे चरण में एक दिवसीय युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया कि इस युवा सम्मेलन में 80 युवक-युवतियों ने सहभागिता की । सम्मेलन के दौरान क्रीडा योग में घूमता किला तथा हाथी घोड़ा पालकी खेल खिलाए गए युवाओं को समूह चर्चा हेतु विषय दिया गया क्या अकेला चना भाड़ फोड़ सकता है और इस विषय पर समूह चर्चा करते हुए विभिन्न समूहों ने अपना प्रेजेंटेशन दिया राष्ट्रीय कार्य के लिए एक जीवन एक ध्येय की आवश्यकता होती है और इसी पर आधारित विवेकानंद केंद्र के संस्थापक माननीय एकनाथजी रानडे के जीवन और चरित्र से जुड़े हुए प्रसंगों पर आधारित प्रेजेंटेशन विद्यार्थियों द्वारा किए गए विभाग सह संचालक कुसुम गौतम ने बताया कि आज युवाओं को अच्छे संस्कार तथा साथ ही अध्यात्म आधारित विकास की संकल्पना समझने की महती आवश्यकता है अपने जीवन मूल्यों को स्थापित करने के लिए जिस प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है वह प्रशिक्षण विवेकानंद केंद्र अपने व्यक्तित्व विकास शिविरों के माध्यम से युवाओ को देने का प्रयास केंद्र कर रहा है युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति ने आगामी 8 से 12 नवंबर को जोधपुर में आयोजित होने वाले आवासीय उठो जागो युवा प्रेरणा शिविर के पंजीकरण हेतु आह्वान किया जिसमें से 20 विद्यार्थियों ने पंजीकरण की स्वीकृति प्रदान की है युवा सम्मेलन में केंद्र के शिक्षा संस्कार प्रकल्प की कार्यकर्ता शेफाली सांखला ने भी सहयोग किया सम्मेलन के अंत में विवेकानंद केंद्र द्वारा सभी विद्यार्थियों को उठो जागो युवा प्रतियोगिता के सर्टिफिकेट बांटे गए

युवा  युवा

Karyapaddhati

:

विवेक योग संगम

13-Oct-2019 | 70 Present

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"विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की अजमेर शाखा द्वारा विवेकानंद विस्तार में अजमेर दक्षिण विधायक के कार्यालय पर 10 दिवसीय योग सत्र का प्रारंभ किया गया जिस का समापन 13 अक्टूबर को योग संगम के तहत किया गया समापन कार्यक्रम में विधायक अनिता भदेल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन अपने मनुष्य निर्माण से राष्ट्र पुनरुत्थान के ध्येय के साथ योग के द्वारा प्राचीन पुरातन संस्कृति को आधुनिक नूतन संस्कृति से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है वह समाज के लिए अत्यंत आवश्यक एवं उपयोगी है। जन जन को योग से जोड़ने पर कार्य करने की आवश्यकता है तथा स्वामी विवेकानन्द के विचारों को जब तक गांव ढाणियों तक नहीं पहुंचा दिया जाता तब तक हमें चैन से नहीं बैठना चाहिए। विवेकानन्द केन्द्र द्वारा जनहित में किया जा रहा कार्य अनुपम है तथा इसे नित्य निरंतर बढ़ते ही रहना है। नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया कि सुभाष उद्यान की सुबह योग के उद्घोष से रोमांचित हो उठी जब अजमेर नगर में संचालित आठों योग वर्गों के योग साधक योग भ्रमण पर प्रातः छः बजे सुभाष उद्यान में प्रभात फेरी पर निकले। उसके बाद योगाभ्यास में शिथलीकरण, सूर्यनमस्कार, आसन तथा क्रीड़ा योग के तहत डमरू दौड़ तथा गुरू चेला खेल खेले। "

विवेक  विवेक

Camp

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स्वच्छता अभियान - रेल उद्यान

02-Oct-2019

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भारत सरकार द्वारा गांधी जयंती 2 अक्टूबर के दिन अखिल भारतीय स्वच्छता अभियान के अंतर्गत क्षेत्रीय 50 भाग सूचना मंत्रालय भारत सरकार सहयोग से राजा साइकिल चौराहा स्थित रेल उद्यान में स्वच्छता अभियान चलाया गया के तहत विवेकानंद केंद्र के विवेकानंद विस्तार के कार्यकर्ताओं द्वारा सक्रिय सहभागिता की गई अभियान में 30 कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की

स्वच्छता  स्वच्छता

Yoga-Satra-And-Modules

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योग सत्र - विधायक कार्यालय भजन गंज

02-Oct-2019

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वर्तमान युग में प्रत्येक व्यक्ति आधिजा व्याधि से ग्रस्त है। ये आधिजा व्याधि मनोदैहिक रोगों के रूप में मधुमेह, हाइपरटेंशन, हृदयरोग के रूप में कुख्यात हैं जिनका मूल कारण तनाव, चिंता तथा आधुनिक जीवनशैली हैं। ये समस्त व्याधियाँ सर्वप्रथम तनाव एवं चिंताओं के कारण आधि के रूप में मन में उत्पन्न होती हैं और बाद में इनका निराकरण समय पर न होपाने के कारण शरीर पर व्याधि के रूप में प्रकट होती है। दुनिया में योग के अतिरिक्त और कोई भी चिकित्सा पद्धति इन मनोदैहिक रोगों की व्याधियों का पूर्ण निराकरण नहीं कर सकती है। यदि रोगों को जड़ से समाप्त करना है तो प्रतिदिन नियमित योगाभ्यास की आदत को विकसित करना होगा। उक्त विचार विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डाॅ0 स्वतन्त्र शर्मा ने भजनगंज स्थित विधायक कार्यालय पर चल रहे योग सत्र के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि स्वचालित नर्वस सिस्टम के अनुकंपी एवं परानुकंपी तंत्र में संतुलन होना अत्यंत आवश्यक है। आधुनिक जीवन शैली के चलते इनमें आया असंतुलन नए रोगों का कारण बनता जा रहा है जिनमें सामान्य पेट की बीमारी से लेकर कैंसर तक के रोग शामिल हैं। प्रचार प्रमुख भारत भार्गव ने बताया कि यह योग सत्र 13 अक्टूबर तक चलेगा। आज के अभ्यासों में शिथलीकरण व्यायाम के उपरांत सूर्यनमस्कार का चरणबद्ध प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा आसनों में अर्द्धकटिचक्रासन, पादहस्तासन एवं अर्द्धचक्रासन का अभ्यास कराया गया। सत्र में युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति, प्रदीप ओझा, शैफाली सांखला आदि सहयोग कर रहे हैं

योग  

Utsav

:

विश्व बंधुत्व दिवस कार्यक्रम

19-Sep-2019 | 618 Present

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महान आत्माओं का परिचय उनके कार्य से ही पता चलता है। जगत के हित के लिए किया गया कार्य ही आत्मा का मोक्ष होता है। बल संख्या या अर्थ से नहीं आता है बल्कि बल आत्मा से ही आता है। शक्ति का एकमात्र स्रोत आत्मा है। जीवन का पाठ कंठस्थ करने से नहीं बल्कि जीवन में उसे उतारने से याद होता है। स्वामी विवेकानन्द ने ईसाई व इस्लाम का गहन अध्ययन किया। रिलीजन का अनुसाद धर्म नहीं है। भारत का धर्म आध्यात्मिकता है। भारतीय समाज शासक को आदर्श नहीं मानता बल्कि त्यागियों और तपस्वियों को आदर्श मानता है। भारत के केवल दो राष्टीय आदर्श हैं त्याग और सेवा। विश्वधर्म संसद यह मान चुकी थी कि स्वामी विवेकानन्द के सुनने के बाद भारत में धर्म के प्रचार के लिए ईसाई मिशनरी भेजना मूर्खता है। रविन्द्रनाथ टैगौर भारत को जानने के लिए विवेकानन्द के अध्ययन की बात करते थे। पूरी दुनिया भारत को ज्ञान का केन्द्र मानती है क्योंकि भारत में वो युगपुरूष हुए हैं जो दुनिया से अज्ञान की धूल हटाते हैं। उक्त विचार केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने ‘अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन’ विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के विवेकानन्द शिला स्मारक के 50वें वर्ष में प्रवेश करने के अवसर पर ‘एक भारत विजयी भारत’ संपर्क महाअभियान के दौरान मनाए जाने वाले विश्वबंधुत्व दिवस पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सत्य केवल एक ही है कि दूसरों का हित करना ही पुण्य है और दूसरों का अहित करना ही पाप है। यही भारत के धर्म का निचोड़ है। हमारी संस्कृति ने ही हमें बचा कर रखा है। दुनिया के तमाम बड़े लोग यह मानते हैं कि भारत के ज्ञान की आवश्यकता पूरी दुनिया को है। भारत की भूमि ही दुनिया की सबसे पवित्र और मानव जीवन के लिए सबसे अनुकूल भूमि थी इसीलिए आदम को भारत की धरती पर उतारा गया। मोहम्मद साहब मदीने में बैठकर भी भारत से ज्ञान की ठण्डी हवा के झोंके महसूस करते थे। इस कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि महापौर धर्मेन्द्र गहलोत ने कहा कि सिद्धांतों को जीवन में उतारने का उदाहरण स्वामी विवेकानन्द का जीवन बताता है। विवेकानन्द ने अपने जीवन में जब कोचवान बनने इच्छा प्रकट की तब उनकी मां ने उनको प्रोत्साहित किया और भगवान कृष्ण के जैसा कोचवान बनने को प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रान्त प्रमुख भगवान सिंह ने एक भारत विजयी भारत महासंपर्क अभियान की सार्थकता पर विचार प्रकट किए तथा अखिल भारतीय स्तर पर राष्ट्रवादी विचारवान लोगों का एकत्रीकरण करते हुए भारत को विश्वगुरू की ओर अग्रसर करने का संकल्प व्यक्त किया। नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान द्वारा विवेकानन्द केन्द्र की उपाध्यक्ष पदम्श्री निवेदिता भिड़े द्वारा लिखित पुस्तक हमारे शाश्वत प्रेरणास्रोत का विमोचन भी किया गया। पुस्तक में विवेकानन्द केन्द्र के संस्थापक एकनाथजी द्वारा स्वामी विवेकानन्द के 100 वर्ष पूर्ण होने पर कन्याकुमारी शिला पर स्मारक बनाने की विजयगाथा के रूप में संक्षिप्त वर्णन किया गया है। कार्यक्रम के आयोजन में भारत विकास परिषद् की अजमेर शाखा का सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन उमेश कुमार चौरसिया ने किया तथा आभार ज्ञापन नगर संचालक डाॅ0 श्याम भूतड़ा ने किया। कार्यक्रम में प्रान्त संघटक प्रांजलि येरीकर प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डॉ. स्वतंत्र शर्मा प्रान्त संपर्क प्रमुख अशोक खंडेलवाल प्रान्त सह प्रमुख अविनाश शर्मा सहित विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी तथा भारत विकास परिषद् के कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।

विश्व  विश्व

EBVB

:

एकल संपर्क - महापौर अजमेर से संपर्क

11-Sep-2019

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विवेकानंद केंद्र के अखिल भारतीय संपर्क अभियान के अंतर्गत अजमेर नगर निगम के महापौर श्री धर्मेंद्र गहलोत से संपर्क किया गया उन्होंने विवेकानंद केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की

एकल  

Karyapaddhati

:

विवेक योग संगम

08-Sep-2019

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विवेकानंद केंद्र के अजमेर में संचालित विभिन्न योग वर्गों का एकत्रीकरण किया गया जिसमें अखिल भारतीय संपर्क कार्यक्रम के विषय में सभी वर्गों को जानकारी दी गई तथा संपर्क सामग्री का वितरण करते हुए बताया गया आज से हमारा प्रांत स्तर पर संपर्क अभियान प्रारंभ होने जा रहा है और उसमें सभी कार्यकर्ताओं को टोलियां बनाकर कार्य करना है इस एकत्रीकरण में प्रान्त संघटक सुश्री प्रांजलि येरीकर, प्रान्त संपर्क प्रमुख श्री अशोक खंडेलवाल तथा प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डॉ. स्वतंत्र शर्मा सहित विभाग एवं नगर के सभी दायित्ववान कार्यकर्ता उपस्थित थे


Yoga-Satra-And-Modules

:

दिव्यांग नेत्रहीनों के लिए विशेष योग सत्र का आयोजन

29-Aug-2019 to 18-Sep-2019

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए फिट इंडिया अभियान के अंतर्गत 29 अगस्त 2019 को राजस्थान के एकमात्र अंध विद्यालय आदर्श नगर ,अजमेर मैं नेत्रहीन विद्यार्थियों को भी योग का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ऐसी भावना के तहत विवेकानंद केंद्र अजमेर द्वारा 21 दिवसीय योगसत्र आरंभ किया गया। 43 नेत्रहीन विद्यार्थियों के साथ तत्कालीन फॉरेस्ट ऑफिसर श्रीमती सुदीप कौर एवं विवेकानंद केंद्र के प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख डॉ स्वतंत्र शर्मा के मुख्य आतिथ्य में इस सत्र का शुभारंभ हुआ। केंद्र की ओर से मुख्य योग प्रशिक्षक अखिल शर्मा ने 3 युवा कार्यकर्ताओं कुलदीप कुमावत, कार्तिक एवं शुभ शर्मा की सहयोगी टीम के साथ 21 दिन के इस अत्यंत ही चुनौतीपूर्ण एवं विशिष्ट सत्र का सफलतापूर्वक संचालन किया, एवं नेत्र हीन दिव्यांग विद्यार्थियों को भी योग एवं सूर्य नमस्कार में पारंगत किया।

दिव्यांग  दिव्यांग

Vimarsh

:

संवाद कार्यक्रम

28-Aug-2019 | 150 Present

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"एक भारत ही विजयी भारत का मार्ग -पदम श्री निवेदिता भिंडे विवेकानंद केंद्र का एक भारत विजय भारत विमर्श संपन्न। जब भारतवासी एक हुए हैं तब तब भारत की विजय हुई है हमारे एक होने का सूत्र है भारत की संस्कृति से जुडना ।भारत वह पुण्य भूमि है जहां केवल कर्म करते हुए ही ईश्वर से जुड़ा जा सकता है आज स्वामी विवेकानंद के विचारों को लेकर अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़कर त्याग और सेवा का भाव रखते हुए प्रत्येक भारतवासी को गले लगाना है। इसकी उन्नति का मार्ग भारत के उत्थान से ही संभव है अतः हमें अपने राष्ट्र की उन्नति के लिए ही कार्य करना होगा। उक्त विचार विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पदम श्री निवेदिता भिंडे ने सूचना केंद्र सभागार में एक भारत विजय भारत विमर्श कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद भागीरथ चौधरी ने कहा कि विवेकानंद केंद्र का कार्य अनुकरणीय है तथा भारत को एक करने का कार्य भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर में धारा 370 हटा कर कर दिया है आज पूरे भारत में राष्ट्रवाद की सुनामी आ रही है भारत एक हो और विजयी होकर विकसित राष्ट्र की श्रेणी में खड़ा हो यही सपना साकार करने के लिए एक भारत विजय भारत की संकल्पना विवेकानंद केंद्र द्वारा रखी गई है। प्रचार प्रमुख भारत भार्गव ने बताया कि स्वागत उद्बोधन उमेश चौरसिया ने दिया, नगर संघचालक डॉ श्याम भूषण ने सभी का आभार व्यक्त किया कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर स्वतंत्र कुमार शर्मा ने किया कार्यक्रम में प्रांत संगठन प्रांजली दीदी सहित अविनाश शर्मा, शिवराज शर्मा ,सत्यदेव शर्मा, महेश शर्मा ,रविंद्र जैन ,अखिल शर्मा ,कुसुम गौतम ,नितिन गोयल, सविता शर्मा, अंकुर प्रजापति ,दिनेश नुवाल, कुशल उपाध्याय ,कांत किशोर शर्मा, अनीता खुराना ,सहित नगर के गणमान्य व्यक्तियों में से शिक्षाविद हनुमान सिंह राठौड़ तथा डॉक्टर कमला गोखरू उपस्थित थी ।"

संवाद  संवाद

Karyapaddhati

:

विवेक योग संगम

11-Aug-2019

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कौन चले भाई कौन चले, स्वामी जी के वीर चले जैसे जय घोषों के साथ आज रविवार को अजमेर , सुभाष उद्यान के योगा पार्क में विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की स्थानीय शाखा द्वारा योग संगम कार्यक्रम आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम में क्रीड़ा योग  मै पिंग पोंग, रुमाल झपट्टा, नेता की पहचान ,भस्मासुर ,केंद्र चलो  तथा योग दर्शन जैसे खेल शुभ शर्मा , कुलदीप, सिद्धार्थ, सावर ,प्रदीप और शेफाली दीदी ने खिलाए । प्रारंभिक शिथलीकरण अभ्यास डॉ0 भरत गहलोत ने लिया। सूर्य नमस्कार का अभ्यास सभी साधकों को डॉ. अनीता खुराना ने करवाया। विवेकानंद कन्याकुमारी की जीवन वृत्ति कार्यकर्ता मनीषा दीदी ने त्रिकोण आसान, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन का अभ्यास करवाया। प्रचार प्रमुख भारत भार्गव ने बताया कि योग संगम में विवेकानंद केंद्र के प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डाॅ0 स्वतंत्र शर्मा, सह प्रांत प्रमुख अविनाश शर्मा, विभाग सह संचालक  कुसुम गौतम, नगर प्रमुख अखिल शर्मा, रामकृष्ण विस्तार संचालक दिनेश नवाल, डॉ अशोक मित्तल, सहित विभिन्न दायित्ववान  कार्यकर्ता और अजमेर में चल रहे 7 योग वर्गों के लगभग 50 साधकों ने सहभागिता की।

विवेक  विवेक

Workshop

:

संस्कार वर्ग प्रशिक्षण

04-Aug-2019

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर की ओर से आयोजित विशेष संस्कार वर्ग में राजस्थान प्रान्त संघटक आदरणीय प्रांजली दीदी ने 24 विद्यार्थियों के साथ चर्चा की तथा उन्हें जीवन में संस्कारों का महत्व बताया यह आयोजन भजन गंज स्थित सामुदायिक भवन में हुआ


Project

:

आनन्दालय - शिक्षा संस्कार प्रकल्प

01-Aug-2019 | 60 Present

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"शिक्षा जीवन के उत्थान का साधन बने - डाॅ0 कुमकुम सिंह जीवन में कुछ अच्छा जानना, उसमें सफल होना और वह सफलता समाज के लिए उपयोगी हो तथा यह शिक्षा स्वयं के जीवन के उत्थान का भी साधन बने यही विवेकानन्द केन्द्र के शिक्षा संस्कार प्रकल्प का उद्देश्य होना चाहिए। यह केवल विद्यार्थियों के लिए ही नहीं अपितु परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए भी वैचारिक आंदोलन बनना चाहिए। उक्त विचार वरिष्ठ सर्जन एवं पूर्व विभागाध्यक्ष सर्जरी डाॅ0 कुमकुम सिंह ने विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के शिक्षा संस्कार प्रकल्प के तहत छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए प्रारंभ की जा रही निःशुल्क कोंचिंग के उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त किए। साहित्य अकादमी के सदस्य उमेश कुमार चौरसिया ने विद्यार्थियों खेल खेल में शिक्षा प्राप्त करते हुए आत्मबल, दृढ़ता के साथ आत्मविश्वास तथा लक्ष्य के प्रति एकाग्रता के बारे में बताया। कार्यक्रम में नगर संचालक डाॅ0 श्याम भूतड़ा ने विवेकानन्द केन्द्र की नगर में चल रही योग, स्वाध्याय एवं संस्कार की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डाॅ0 स्वतन्त्र शर्मा, नगर प्रमुख अखिल शर्मा, नगर सहप्रमुख बीनारानी, कुलदीप कुमावत, शैफाली सांखला, सावरलाल, प्रदीप ओझा, कार्तिक ने सहयोग दिया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा संस्कार प्रकल्प प्रमुख शुभ शर्मा ने किया।"

आनन्दालय  आनन्दालय

Workshop

:

योग प्रतिमान - परीक्षा दें हँसते-हँसते

24-Jul-2019 | for Students

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर के कार्यालय पर युवा साथियों के साथ परीक्षा दे हंसते-हंसते कार्य शाह 5 दिन आयोजन किया गया इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को परीक्षा के संबंध में वैज्ञानिक विधि नोट बनाने की कला पढ़ने का सही तरीका नींद का विज्ञान तथा ऊर्जा विज्ञान के साथ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गई


Chalo-Gaon-Ki-Or

:

स्वच्छ ग्राम देश की पहचान - अखिल शर्मा

23-Jul-2019 | 175 Present

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर द्वारा नेहरू युवा केंद्र के साथ ग्राम तबीजी में स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छ ग्राम देश की पहचान का सन्देश दिया गया | इस अवसर पर केंद्र के नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने ग्राम के सरपंच एवं राजकीय विद्यालय के विद्यार्थियों के सहयोग से स्वछता रैली का आयोजन किया इस आयोजन में नेहरू युवा केंद्र के शरद त्रिपाठी एवं केंद्र के शुभ शर्मा का भी सहयोग रहा

स्वच्छ  स्वच्छ

Workshop

:

Idea Exchange Programme

21-Jul-2019

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर के कार्यालय पर दिनांक 21 जुलाई 2019 को युवा कार्यकर्ताओं के साथ आइडिया एक्सचेंज प्रोग्राम का आयोजन किया गया जिसमें समाज के तत्कालीन विषयों पर प्रभावी चिंतन किया गया


Workshop

:

संपर्क प्रशिक्षण कार्यशाला

19-Jul-2019

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर के कार्यालय पर दिनांक 19 जुलाई को संपर्क प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें 7 कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की


Utsav

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गुरु पूर्णिमा

16-Jul-2019 | for Karyakartas

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"दायित्वग्रहण के साथ विवेकानन्द केन्द्र ने मनाई गुरूपूर्णिमा अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन विवेकानन्द केन्द्र ने माहेश्वरी सेवा समिति भवन कृष्णगंज में गुरूपूर्णिमा महोत्सव मनाया। गुरू पर आधारित भजनों के साथ विवेकानन्द केन्द्र की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निवेदिता भिड़े का संदेश पत्र पढ़कर सुनाया गया। इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र के दायित्ववान कार्यकर्ताओं ने मनुष्य निर्माण से राष्ट्र पुनरुत्थान के उद्देश्य से दायित्वों को ग्रहण किया। इस अवसर पर वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर प्रान्त संचालक बद्री प्रसाद पंचोली, उमेश कुमार चैरसिया, डाॅ0 स्वतन्त्र शर्मा, डाॅ0 श्याम भूतड़ा, अखिल शर्मा, कुसुम गौतम, सविता शर्मा आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।"

गुरु  

Karyapaddhati

:

विवेक योग संगम

13-Jul-2019 | 78 Present

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"*भरतपुर योग साधक त्रासदी पर अर्पित की श्रद्धांजलि* कौन चले भाई कौन चले, स्वामी जी के वीर चले जैसे जय घोषों के साथ शनिवार को अजमेर के सुभाष उद्यान के योगा पार्क में विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की स्थानीय शाखा द्वारा योग संगम कार्यक्रम आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम में क्रीड़ा योग के तहत राम राजा रावण, आग लग रही है, योगिक वॉलीबॉल तथा योग दर्शन जैसे खेल खिलाए गए। यौगिक भ्रमण के साथ ही अर्धकटिचक्रासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, वक्रासन तथा सूर्य नमस्कार का भी अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम के अंत में भरतपुर जिले के कुम्हेर गांव में हुई योग साधकों के आकस्मिक निधन पर 1 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। प्रचार प्रमुख भारत भार्गव ने बताया कि योग संगम में विवेकानंद केंद्र के प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डाॅ0 स्वतंत्र शर्मा, विभाग संचालक सत्यदेव शर्मा , विभाग सह संचालक कुसुम गौतम, नगर संचालक डॉ श्याम भूतड़ा, नगर प्रमुख अखिल शर्मा, सहनगर प्रमुख बीना रानी, रामकृष्ण विस्तार संचालक दिनेश नवाल तथा विस्तार प्रमुख कुशल उपाध्याय सहित विभिन्न दायित्ववान कार्यकर्ताओं सहित सभी सात योग वर्गों के साधकों ने सहभागिता की।"

विवेक  विवेक

Karyapaddhati

:

स्वामी विवेकानंद महानिर्वाण दिवस कार्यक्रम

04-Jul-2019 | 93 Present

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"‘अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन’ विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की स्थानीय शाखा द्वारा स्वामी विवेकानन्द के महानिर्वाण दिवस पर रामकृष्ण विस्तार एवं विवेकानन्द विस्तार में संचालित विभिन्न योग वर्गों में स्वामी विवेकानन्द के विचारों पर चर्चा एवं समष्टि में सकारात्मक भाव के निर्माण हेतु मंत्रोच्चारण के साथ मनाया। इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र राजस्थान प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डाॅ0 स्वतन्त्र शर्मा ने कृष्णगंज स्थित शिवाजी पार्क में संचालित योग वर्ग में चर्चा करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने भारत और पश्चिम के लिए अलग अलग संदेश दिया। जहाँ पश्चिमी देशों में जाकर भारत से आध्यात्मिक ज्ञान को सीखने का मंत्र दिया वहीं भारतीयों को धार्मिक रूढ़िवादिता एवं अंधविश्वासों को दूर करने के लिए विज्ञान और तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। स्वामी विवेकानन्द ने संपूर्ण विश्व के उत्थान का मार्ग अभ्युदय और निःश्रेयस को बताया जिसमें अध्यात्म प्रेरित विकास ही विश्व में सुख और शांति का आधार हो सकता है। संपूर्ण भारत के भ्रमण में उन्होंने भारत की गरीबी को निकट से देखा और युवाओं को गाँव-गाँव में ऐसे वैचारिक केन्द्र खोलने का आहवान किया जिनमें युवा अपने नैतिक मूल्यों एवं संस्कृति को सीखकर आधुनिक ज्ञान के साथ उसका समन्वय स्थापित कर सकें। प्रचार प्रमुख भारत भार्गव ने बताया कि महानिर्वाण दिवस पर विवेकानन्द केन्द्र के द्वारा निःशुल्क योग अभ्यास वर्गों में शहीद भगत सिंह उद्यान वैशाली नगर में डाॅ0 भरतसिंह गहलोत, भीष्म टेवानी एवं डाॅ0 अशोक मित्तल, चाणक्य स्मारक पंचशील नगर पर डाॅ0 अनिता खुराना एवं डाॅ0 सुरेश बबलानी, शिवाजी पार्क कृष्ण गंज में डाॅ0 महेश गुप्ता एवं सुभाष नवाल, छतरी योजना उद्यान में कुशल उपाध्याय एवं सुनील गर्ग, रेल उद्यान में रविन्द्र जैन एवं नाथूलाल जैन तथा गाँधी भवन उद्यान आदर्श नगर में अखिल शर्मा एवं बीना तोमर ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। कुल छह योग वर्गों में आयोजन हुए एवं उपस्थिति 93 रही "

स्वामी  

Workshop

:

संस्कार वर्ग प्रशिक्षण

30-Jun-2019

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राजा साइकिल चौराहा स्थित रेल उद्यान में पांच दिवसीय संस्कार वर्ग प्रशिक्षण शिविर शाम 5:30 से 7:00 बजे तक प्रारंभ किया गया उक्त जानकारी देते हुए नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया कि बच्चों को कहानी खेल गीत तथा सूर्य नमस्कार के माध्यम से अच्छे संस्कार देने का प्रयास किया जा रहा है आज खिलाए गए खेलों में किसान लोमड़ी राम राजा रावण खेल हुए तथा सूर्य नमस्कार का विभागशः अभ्यास कराया गया संग्राम जिंदगी है गीत के साथ बच्चों को थाली में झूठा नहीं छोड़ना भोजन करने के बाद अपने झूठे बर्तन स्वयं उठा कर रखना तथा अपने अंतर्वस्त्रों को स्वयं धोना जैसे संकल्प दिलाए गए

संस्कार  

Workshop

:

संपर्क प्रशिक्षण कार्यशाला

23-Jun-2019 to 23-Jun-2019

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23 जून 2019 को विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर की संपर्क कार्यशाला का आयोजन किया गया इस कार्यशाला का आयोजन पुष्कर स्थित नवाल कृषि फार्म पर हुआ कार्यशाला में प्रांत संपर्क प्रमुख श्री अशोक जी खंडेलवाल प्रांत संगठन सुश्री प्रांजली दीदी उमेश कुमार चौरसिया एवं डॉ स्वतंत्र शर्मा भी उपस्थित थे


Yoga-Satra-And-Modules

:

योग सत्र - रेल उद्यान अजमेर

22-Jun-2019

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समाज में व्यक्ति का आचरण श्रेष्ठ हो तथा उसका अनुसरण करने वाले लोगों से मिलकर ही श्रेष्ठ समाज का निर्माण संभव है। जहाँ सत्य का आचरण वाणी का प्रभाव सिद्ध कर देता है वहीं अहिंसा के आचरण से वैर का त्याग हो जाता है। अस्तेय के आचरण से समाज में भयमुक्त वातावरण का निर्माण होता है वहीं अपरिग्रह द्वारा व्यक्ति अपने जन्म का उद्देश्य तक ज्ञात कर सकता है। आज समाज में सबसे ज्यादा आवश्यकता ब्रह्मचर्य के पालन की है जिससे समाज के युवाओं में संयम एवं वीरता का भाव उत्पन्न हो सके। उक्त विचार ‘आध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन’ विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की प्रान्त संगठक प्रांजलि येरीकर ने राजा साइकिल चैराहा स्थित रेल उद्यान में संचालित किए जा रहे योग सत्र के चैथे दिन व्यक्त किए। नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने बताया कि शिथलीकरण व्यायामों का अभ्यास रविन्द्र जैन ने कराया तथा सूर्यनमस्कार में एन एल जैन का सहयोग रहा। आज अर्द्धकटिचक्रासन, पादहस्तासन एवं अर्द्धचक्रासन का सामूहिक अभ्यास हुआ। योग सत्र में माधुरी रोतवाल, बीना रानी, कुसुम गौतम, सीए लव तामरा, कार्तिक, कुलदीप तथा सांवरलाल आदि केन्द्र कार्यकर्ता सहयोग कर रहे हैं।"

योग  योग

Yoga-Satra-And-Modules

:

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 13 स्थानों पर योगाभ्यास कार्यक्रम

21-Jun-2019 | 1435 Present

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‘आध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन’ विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की अजमेर शाखा द्वारा अजमेर में 13 स्थानों पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के तहत किए गए आयोजनों में 1435 योग साधकों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। मुख्य कार्यक्रम उत्तर पश्चिम रेलवे के जीएलओे ग्राउंड पर हुआ जिसमें डीआरएम राजेश कुमार कश्यप मुख्य अतिथि थे। इस कार्यक्रम में सर्जन एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ श्याम भूतड़ा ने योग पर अपने विचार प्रस्तुत किए। एडीआरएम संजीव कुमार तथा सीनियर डीपीओ आर एस परिहार भी मौजूद थे। राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान संस्थान तबीजी में विवेकानन्द केंद्र के विभाग व्यवस्था प्रमुख महेश शर्मा ने योग पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। शहीद भगत सिंह उद्यान वैशाली नगर अजमेर में मुख्य अतिथि रोटरी क्लब के अध्यक्ष गोप मीरानी तथा मुख्यवक्ता डॉ. सौरभ गहलोत थे। छतरी योजना उद्यान वैशाली नगर में जेके जैन के मुख्य आतिथ्य में यह कार्यक्रम हुआ तथा सीए फाउंडेशन कोटडा में राकेश शर्मा के निर्देशन में सीए विद्यार्थियों को योग कराया गयां। इस कार्यक्रम में केंद्र के उमेश कुमार चैरसिया ने योग पर अपने विचार व्यक्त किए। चाणक्य स्मारक पंचशील नगर पर मुख्य अतिथि डॉ पीएन राठी तथा विशिष्ट अतिथि पार्षद प्रकाश मेहरा के सानिध्य में योगाभ्यास हुआ। रेल उद्यान में सेंट्रल जीएसटी के आयुक्त वी पी जोशी मुख्य अतिथि थे। लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर एलआईसी कॉलोनी वैशाली नगर में  मुख्य अतिथि भगवान स्वरूप शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि दुर्गा लाल त्रिपाठी थे। शिवाजी पार्क कृष्णगंज अजमेर में मुख्य अतिथि माहेश्वरी सेवा समिति के अध्यक्ष बीपी राठी एवं विशिष्ट अतिथि पार्षद धर्मेंद्र शर्मा के सानिध्य में योगाभ्यास का आयोजन किया गया। आदर्श नगर स्थित गांधी भवन उद्यान में आयोजन के मुख्य अतिथि वीरेंद्र शर्मा थे। केन्द्र के नगर प्रमुख अखिल शर्मा ने नसीराबाद स्थित 146 लाइट मिलिट्री यूनिट में सैन्य अधिकारियों को योगाभ्यास कराया। रविन्द्र जैन ने वैशाली नगर बैंक आॅफ बड़ौदा कार्यालय में योगाभ्यास कराया।

अंतर्राष्ट्रीय  अंतर्राष्ट्रीय

Vimarsh

:

योग आधारित जीवन पद्धति - एक संवाद

21-Jun-2019 | 200 Present

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विश्व में दो प्रकार की दष्टि है जो भोग एवं योग का प्रतिनिधित्व करती है। भोग की दृष्टि जहां व्यक्ति का सर्वनाश कर देती है वहीं योग की दृष्टि से व्यक्ति आत्मकल्याण तक कर सकता है। आज भारत विश्व में जिस योग की परम्परा का प्रवर्तक है उसके व्यक्ति को राष्ट्रीयप्राणायाम के रूप में भारत का चिंतन करने की आवष्यकता है। जब हमारे जीवन की सारी आवश्यक्ता समाज के उपर ही निर्भर करती है तो हमारी कमाई का एक अंश समाज धारणा के लिए देना ही यज्ञ का रूप होता है। आज समाज धारणा के लिए संवेदनशीलता की आवश्यकता है और यही संवेदनशील व्यवहार ही योग है। उक्त विचार विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी राजस्थान प्रान्त की प्रान्त संगठक सुश्री प्रांजलि येरीकर ने राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद् नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की अजमेर शाखा के रामकृष्ण विस्तार के सहयोग से योग आधारित जीवन पद्धति विषयक एक संवाद के अवसर पर शिवाजी पार्क कृष्ण गंज में व्यक्त किए। मुख्य अतिथि प्रो वासुदेव देवनानी ने कहा कि योग की अनुभूति गर्व का विषय है तथा हमें सात्विक इच्छा शक्ति का जागरण करते हुए योग का आचरण करना चाहिए। परिषद् के सदस्य डाॅ0 सुरेश बबलानी ने कार्यक्रम में सिंधी भाषा के गौरव को योग की थाती बताया तथा सिंधी भाषा के विकास में राष्ट के योगदान को भी प्रतिपादित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विस्तार संचालक डाॅ. श्याम भूतड़ा ने कहा कि योग पर संवाद के साथ ही हमें यह बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि योग का उपयोग हमारी जीवनशैली में शुद्ध आचरण एवं व्यवहार के लिए होना चाहिए जिसके लिए नियमित अभ्यास की आवश्यकता होती है। इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र के रामकृष्ण विस्तार के सभी गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम में सुभाष नुवाल, राधी राठी, सुधा मालू, राकेश शर्मा, मनोज बीजावत, तृप्ति चन्द्रावत, राजेन्द्र सोमानी, शशांक बजाज, दिनेश नुवाल आदि का सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. अनिता खुराना ने किया।

योग  

Yoga-Satra-And-Modules

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आकाशवाणी एवं दूरदर्शन केंद्र जयपुर पर योग वार्ता

15-Jun-2019

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी राजस्थान प्रांत के प्रशिक्षण प्रमुख डॉ स्वतंत्र शर्मा द्वारा 15 जून को योग विषय पर आकाशवाणी जयपुर केंद्र पर वार्ता दी गई तथा इसी दिन जयपुर दूरदर्शन पर भी योग विषय पर हुए संवाद कार्यक्रम में सहभागिता की गई

आकाशवाणी  आकाशवाणी

Yoga-Satra-And-Modules

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योग सत्र - मंडल रेल कार्यालय

12-Jun-2019

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर की ओर से मंडल रेल कार्यालय पर 10 दिवसीय योग प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया जो कि विशेष रूप से रेल कार्मिकों के लिए रखा गया इसमें 14 लोगों ने भाग लिया


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योग सत्र - सूर्य नमस्कार प्रशिक्षण, सुभाष उद्यान

12-Jun-2019

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर की ओर से अजमेर के सुभाष उद्यान में 12 जून से 21 जून तक 15 युवाओं को सूर्य नमस्कार प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा इन प्रशिक्षित युवाओं ने 21 जून को 108 सूर्य नमस्कार महायज्ञ का आयोजन किया

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योग सत्र - सेठ लादू राम धर्मशाला, नसीराबाद

01-Jun-2019

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी अजमेर विभाग द्वारा नसीराबाद स्थित सेठ लादूराम अग्रवाल धर्मशाला में 10 दिवसीय योग सत्र का आयोजन किया गया इस योग सत्र में अग्रवाल समाज के 35 साधकों ने भाग लिया कार्यक्रम संयोजक श्री राकेश जी बंसल नितिन जी एवं अमित जी थे कार्यक्रम के सूत्रधार श्री संदीप जी अग्रवाल थे

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योग सत्र - छतरी योजना वैशाली नगर

22-May-2019

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नेति की क्रिया सिर व नाक, कान व गले के सभी अवयवों को शुद्ध एवं स्वच्छ रखती है। इसको आधुनिक भाषा में ईएनटी केयर कहा जाता है। यह न केवल नासिकाद्वारों को स्वच्छ करती है बल्कि विभिन्न प्रकार की एलर्जी से छुटकारा दिलाती है। जलनेति से दृष्टिदोष दूर होकर नेत्रज्योति बढ़ती है वहीं वमन धौति के द्वारा पेट की गैस एवं अतिअम्लीयता से छुटकारा मिलता है तथा श्वास के रोगियों के लिए भी यह अत्यंत लाभकारी है। उक्त विचार विवेकानन्द केन्द्र के प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डाॅ0 स्वतन्त्र शर्मा ने छतरी योजना उद्यान, वैशाली नगर में चल रहे योग एवं प्राणायाम प्रशिक्षण सत्र के सातवें दिन के सत्र में जलनेति एवं वमनधौति का अभ्यास करवाते हुए व्यक्त किए। योग सत्र समन्वयक डाॅ0 श्याम भूतड़ा ने बताया कि सत्र का समापन रविवार 31 मई को होगा तथा इसके उपरांत निःशुल्क योग कक्षा का प्रारंभ छतरी योजना पुराना उद्यान में किया जा रहा है। योग कक्षा के प्रभारी सुनील गर्ग होंगे तथा उनकी टीम के रूप में निशा जैन, सविता यादव, बीना जैन आदि सहयोगी शिक्षक रहेंगे। 

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योग सत्र - छत्रपति शिवाजी उद्यान, कृष्ण गंज

13-May-2019

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मानवीय चेतना परिवार के रूप में विकसित होती है और परिवार समाज के रूप में विस्तारित होता है। अनेक समाजों के एकत्व से राष्ट्र निर्मित होता है और अनेक राष्ट्र मिलकर विश्व का निर्माण करते हैं। ब्रह्माण्ड में अनेक विश्व मिलकर परमात्मा का निर्माण करते हैं। व्यष्टि से परमेष्टि तक की इस यात्रा में चेतना का ऊध्र्वगामी विस्तार व्यक्ति को आनन्द का अनुभव कराता है। मानव चेतना यही विस्तार योग है। प्रत्येक राष्ट्र का एक आनुवांशिक गुणसूत्र होता है। भारत का गुणसूत्र आध्यात्म है तथा इसके आधार त्याग और सेवा हैं। व्यक्तिगत चेतना के विभिन्न सोपानों से होकर राष्ट्र की चेतना तक पहुंचने की प्रक्रिया ही कर्मयोग है जिसके प्रशिक्षण का माध्यम राजयोग है। उक्त विचार विवेकानन्द केंद्र के प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डाॅ0 स्वतन्त्र शर्मा ने कृष्णगंज स्थित शिवाजी पार्क में चल रहे योग एवं प्राणायाम सत्र के तृतीय दिवस के अवसर पर व्यक्त किए। योग सत्र समन्वयक डा. श्याम भूतड़ा ने बताया कि इस योग सत्र में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक योग का सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। आज सूर्यनमस्कार का समूह अभ्यास कराया गया जिसमें केन्द्र के मनोज बीजावत, राकेश शर्मा, कुशल उपाध्याय, लक्ष्मीचंद मीणा, अंकुर प्रजापति आदि ने सहयोग किया। 

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योग सत्र - शहीद भगत सिंह उद्यान वैशाली नगर

03-May-2019

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केवल मात्र शरीर को स्वस्थ कर लेना, शरीर को लचीला बना लेना, आसनों एवं प्राणायाम के अभ्यास में निपुणता प्राप्त कर लेना ही योग नहीं है। वेदों के अनुसार सुख की प्राप्ति के दो मार्ग श्रेय एवं प्रेय बताए गए हैं। जहाँ प्रेय मार्ग के अनुसरण में तात्कालिक सुख की प्राप्ति अनुभव होती है किंतु अंत दुःखदायी होता है वहीं श्रेय का मार्ग प्रारंभ में दुष्कर एवं कंटकाकीर्ण लगता है किंतु इस मार्ग पर बाद में सुख ही सुख मिलता है। योग का मार्ग भी श्रेय की प्राप्ति का मार्ग है। प्रारंभ में कठिन होते हुए भी इस मार्ग पर चलकर मोक्ष तक प्राप्त हो सकता है। जीवन के सभी तनावों को दूर करते हुए सच्चे सुख का मार्ग ही योग है तथा इसे मन के माडिफिकेशन से प्राप्त किया जा सकता है। उक्त विचार विवेकानन्द केन्द्र के प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डा0 स्वतन्त्र शर्मा ने शहीद भगतसिंह उद्यान में चल रहे योग एवं प्राणायाम प्रशिक्षण सत्र में व्यक्त किए।

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योग सत्र - चाणक्य स्मारक, पंचशील नगर

28-Apr-2019

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योग से स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने के उद्देश्य से विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा, अजमेर अपने रामकृष्ण विस्तार एवं पंचशील विकास समिति सैक्टर ए के संयुक्त तत्वावधान में प्रातः 5.30 बजे से चाणक्य स्मारक पर योग सत्र का आयोजन हो रहा है। सत्र का आरंभ दीपप्रज्जवलन से हुआ जिसमें Dr. सुरेश बबलानी, प्रकाश मेहरा एवं ज्ञान सिंह पंवार उपस्थित थे।योग सत्र समन्वयक डाॅ. अनिता खुराना ने बताया कि इस योग सत्र का संचालन विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी राजस्थान प्रान्त के प्रशिक्षण प्रमुख डाॅ. स्वतन्त्र शर्मा द्वारा किया जा रहा है। सत्र के समापन पर क्रीड़ा योग के तहत पिंगपोंग खेल युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति ने खिलाया गया। सत्र में निधि शर्मा, कांत किशोर शर्मा, शशि जैन, चंदा केसवानी आदि का सहयोग रहा।

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योग सत्र - लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर, LIC कॉलोनी वैशाली नगर

19-Apr-2019

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर के रामकृष्ण विस्तार द्वारा 19 अप्रैल से 28 अप्रैल तक एलआईसी कॉलोनी स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में योग सत्र का आयोजन किया गया इस दो दिवसीय योग सत्र में विवेकानंद केंद्र द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार योगाभ्यास कराया गया इस योगाभ्यास के समन्वयक विवेकानंद केंद्र के नगर संचालक डॉक्टर श्याम जी भूतड़ा थे इस योग सत्र में विस्तार प्रमुख श्री कुशल उपाध्याय मनोज बीजावत लक्ष्मी नारायण मीणा एवं डॉ स्वतंत्र शर्मा का सहयोग रहा

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Workshop

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सूर्य वंदन से शौर्य अभिनंदन संस्कार निर्माण सत्र

11-Apr-2019

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विवेकानंद केंद्र की ओर से 8:00 से 16:00 की आयु के बालक बालिकाओं के लिए 11 अप्रैल से 15 अप्रैल 2019 तक सूर्य वंदन से शौर्य अभिनंदन संस्कार निर्माण सत्र आयोजित किया गया इस आयोजन का लक्ष्य बच्चों का शारीरिक मानसिक बौद्धिक भावनात्मक एवं आध्यात्मिक विकास था इस सत्र में कुल 15 बालक बालिकाओं ने सहभागिता की

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