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Branch: Rajasthan-Prant

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Rajasthan-Prant At a Glance

Status Prant
Toli Pramukhs (Samiti)
  • 13     (view details)
    1. Prant Sanchalak – Shri. Badri Prasad Pancholi
    2. Sah Prant Sanchalak – Shri. Bhavani Lal Mathur
    3. Sah Prant Sanchalak – Shri. Shiv Raj Sharma
    4. Sah Prant Sanchalak – Shri. Jagadish Joshi
    5. Prant Pramukh – Shri. Bhagwan Singh
    6. Sah Prant Pramukh – Shri. Avinash Sharma
    7. Prant Vyavastha Pramukh – Shri. Kailash Nath Sharma
    8. Prant Nidhi Pramukh – Shri. Balraj Acharya
    9. Prant Prashikshan Pramukh – Shri. Swatantra Kumar Sharma
    10. Prant Samparka Pramukh – Shri. Ashok Khandelwal
    11. Prant Nidhi Chamu Sadasya – Shri. Chandra Prakash Arora
    12. Prant Sanghatak – Kum. Pranjali
    13. Prant Yuva Pramukh – Shri. Satyanarayan Sharma
Office Address534, SHANKAR Gurjar Ki Gali, Chandi Ki Takasal, Near Shimla Hotel, Hawa Mahal Road, Jaipur
Primary ContactShri Bhagwan Singh – Prant Pramukh – 9414111741
Sushri Pranjali Yerikar – Prant Sangathak – 7597461690
In MediaView Media Coverage
Annual ReportAnnual_Report_Rajasthan-Prant_2019-20.pdf
KaryapatrakView Consolidated Karyapatrak


News and Updates of Rajasthan-Prant

News & Updates
  1. अष्टांग योग सैद्धांतिक प्रशिक्षण सत्र 2020 का समापन कार्यक्रम दिनांक 31 जुलाई शाम 6 बजे से - मुख्य वक्ता मा पद्मश्री निवेदिता भिड़े राष्ट्रीय उपाध्यक्ष - विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी Join with link  https://meet.google.com/aqn-moax-eww
  2. राजस्थान प्रान्त कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर २०२० - १ से १० अगस्त अपेक्षित -दायित्ववान अथवा संभावित दायित्ववान कार्यकर्ता/किसी भी शिविर/योग सत्र के/योग प्रतिमान/कार्यपद्धति से जुड़े कार्यकर्ता गण  https://rajasthan.vkendra.org/pkps0820/
  3. Sunday, 5th July, Annual Report of Vivekananda Kendra Kanyakumari, Jaipur Vibhag has been launched by Dr Swatantra Sharma (Prant Prakshikshan Pramukh) on the occasion of Guru Poornima. 

For any query contact: Shri Bhagwan Singh - Prant Pramukh - 9414111741
Sushri Pranjali Yerikar - Prant Sangathak - 7597461690




Recent Activities Organized by Rajasthan-Prant




Others

:

Website Inaugration of Rajasthan Prant

21-Jun-2020 | 67 Present

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कार्यकर्ता निर्माण का वाहक बने वेबसाइट- ए बालाकृष्णन विवेकानंद केंद्र का कार्य मनुष्य निर्माण से राष्ट्र प्रमुख स्थान है और इस कार्य को राजस्थान में गति देने का कार्य विवेकानंद केंद्र की नवीन वेबसाइट बनेगी| अत्यल्प समय में निर्मित इस महामारी के युग में लोक संपर्क का एक महत्वपूर्ण साधन बनने जा रही विवेकानंद केंद्र राजस्थान की वेबसाइट सही मायनों में तभी सार्थक हो सकेगी जब यह कार्यकर्ता निर्माण का वाहक बने| स्वामी विवेकानंद का स्वप्न राजस्थान पूरा कर सकता है क्योंकि स्वामी विवेकानंद ने राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों का परिव्राजक सन्यासी के रूप में भ्रमण किया और यह एक अद्भुत सौभाग्य का विषय है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस वेबसाइट का लोकार्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है| उक्त विचार विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष माननीय ए बालाकृष्णन ने विवेकानंद केंद्र राजस्थान की वेबसाइट के लोकार्पण के अवसर पर व्यक्त किए| इस अवसर पर रामकृष्ण मिशन जयपुर के परम पूज्य स्वामी श्री देव प्रभानंद जी ने भी अपना आशीर्वाद प्रदान किया | आईटी टीम के संयोजक दिवस गौड़ ने बताया कि राजस्थान प्रांत की वेबसाइट का वेब एड्रेस rajasthan.vkendra.org है |
वेबसाइट के मोबाइल फॉर्मेट का लोकार्पण विवेकानंद केंद्र की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद्मश्री सुश्री निवेदिता भिड़े तथा अखिल भारतीय महासचिव माननीय डी भानुदास ने किया| वेबसाइट के लोकार्पण के अवसर पर अनेक राष्ट्रीय पदाधिकारी उपस्थित थे जिनमें सुश्री रेखा दवे सुजाता नायक तथा राजस्थान के अधिकारियों में प्रांत संगटक सुश्री प्रांजलि येरीकर, प्रांत प्रमुख भगवान सिंह, सह प्रांत प्रमुख अविनाश शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे|

इस अवसर पर वेबसाइट के विषय में संक्षिप्त प्रेजेंटेशन वेबसाइट निर्माता कपिल खंडेलवाल ने किया तथा समग्र कार्यक्रम का संचालन विवेकानंद आईटी टीम के संयोजक दिवस गौड़ ने किया

Website  Website

Yoga-Satra-And-Modules

:

Yoga Satra 2020

10-Jun-2020 to 21-Jun-2020 | 2000 Present

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आइऐ बनाएं इतिहास “अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस” 21 जून 2020 पर अधिक से अधिक लोगों के साथ Online योग कर भारत की शक्ति का विश्व को परिचय दें। इसके लिए विवेकानंद केन्द्र द्वारा दिनाँक 10 जून से 20 जून तक प्रातः 6.30 से 7.30 बजे तक यू ट्यूब के माध्यम से योगसत्र का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए इस फोर्म द्वारा अपना निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करें। जितने लोगों को साथ लेकर आप योग करेंगे (जैसे- परिवार जन संख्या, मित्र आदि की संख्या) वह संख्या चुनें व रजिस्ट्रेशन करें। 10 से 20 जून प्रशिक्षण में शामिल हों व 21 जून को सब मिल एक साथ योग का कीर्तिमान बनाएं और साथ ही अपनी Immunity बढाएं कोरोना को भगाएं।

  1. प्रथम दिवस – Introduction
  2. प्रथम दिवस – शिथिलीकरण अभ्यास प्रशिक्षण
  3. द्वितीय दिवस – सूर्य नमस्कार विभागशः प्रशिक्षण
  4. तृतीय दिवस – सूर्य नमस्कार श्वास प्रश्वास के साथ प्रशिक्षण
  5. चतुर्थ दिवस – आसनों का प्रशिक्षण
  6. पंचम दिवस – आसनों का प्रशिक्षण
  7. षष्टम दिवस – आसनों का प्रशिक्षण
  8. सप्तम दिवस – अनुभागीय श्वसन प्रशिक्षण
  9. अष्टम दिवस – कपालभाती प्रशिक्षण
  10. नवम दिवस – नाड़ी शुद्धि अभ्यास प्रशिक्षण
  11. दशम दिवस – संपूर्ण योगाभ्यास
  12. एकादश दिवस – भारत सरकार द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल का अभ्यास
  13. एकादश दिवस – Part II

Yoga  Yoga

Workshop

:

अखिल भारतीय परीक्षा दे हँसते-हँसते कार्यशाला का आयोजन

05-May-2020 to 31-May-2020 | 223 Present

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राजस्थान प्रान्त द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर योग प्रतिमान परीक्षा दें हँसते-हँसते कार्यशाला का आयोजन 5 मई से 31 मई 2020 तक Online किया गया। इस परीक्षा में आसाम, अरूणाचल प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, तेलगू, दक्षिण प्रान्त, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान , हरियाणा, पंजाब तथा मध्य प्रान्त से 223 प्रशिक्षणार्थियों एवं प्रशिक्षकों का सहभाग रहा। 12 प्रशिक्षकों की टीम ने राष्ट्रीय महासचिव माननीय श्री डी भानुदास के मार्गदर्शन में इस प्रशिक्षण की रचना की जिसके परिणाम स्वरूप उक्त प्रान्तों में परीक्षा दे हंसते हंसते की प्रान्त, विभाग एवं नगर स्तर पर योग प्रतिमान टीमों की तैयारी हुई तथा जिनके प्रेजेंटेशन का प्रशिक्षण भी प्रातशः प्रारंभ हुआ।


Karyapaddhati

:

डॉ आम्बेडकर एक मनस्वी मनुष्य - प्रांजलि येरीकर

14-Apr-2020 | 256 Present

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डाॅ. भीमराव आम्बेडकर का जीवन संघर्ष की कहानी है किन्तु यह संघर्ष मात्र स्वयं के लिए नही था यह संघर्ष पूरे बहिष्कृत समाज की भलाई के लिए था। डा. अम्बेडकर ऐसे चैतन्य दीप हैं जो समाज में अन्तर्बाह्य प्रकाश करते हैं। एक महार बालक भीम से डा.अम्बेडकर और बाबा साहेब होने की कण्टकाकीर्ण यात्रा कंकर के शंकर होने की यात्रा है जो अति रोमाञ्चकारी एवं प्रेरणादायक है। उक्त विचार विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की राजस्थान प्रान्त संगठक सुश्री प्रांजलि येरीकर ने केन्द्र द्वारा आयोजित ई स्वाध्याय के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि मनुष्य जब समाज के लिए कुछ करता है तो वह कहां से कहाँ पहुंचता है उसका उदाहरण डाॅ. अंबेडकर हैं। उनका संग्राम किसी वर्ग से नही था अपितु यह मानव को मानववत व्यवहार मिले इसलिए था। जब उन्हें संविधान बनाने का दायित्व मिला तो उन्होंने पूरे देश के हर एक मनुष्य का हित ध्यान में रखा न कि किसी जातिविशेष का। वे सवर्णों से द्वेष भाव नही रखते थे, उनके अनेक साथी सवर्ण समाज से आते थे। बाबासाहब कहते थे उन्हें ब्राह्मण वृत्तिका विरोध करना है ब्राह्मणों का नहीं। अत्यंत दुःखी होनेके बाद भी जब मतान्तर करने की बारी आई तब पूरे 21 वर्ष चिंतन करने के बाद उन्होंने देश का हित सामने रखते हुए, बौद्ध मत का स्वीकार किया। यह निदर्शक है कि देश सबसे ऊपर है। अन्याय, अत्याचार, पीढ़ियों से चलती आई दुष्परम्परा सबकुछ देश हित के आगे गौण है। उनके विचारों का जो विकृतिकरण आज अनुभव हो रहा है उसे उत्तर देना है तो बाबासाहब का अध्ययन करना होगा। मूल से उनके विचारों को समझना होगा, स्वयं समझे औरों को समझाना होगा। उनकी प्रेरणा हमें निरन्तर इस राष्ट्र सेवा के पथ पर आगे बढ़ने में सहायता करें इसलिए इस वर्ष उनकी जीवनी पढ़ने का संकल्प ले सकते है। उक्त ई स्वाध्याय में डाॅ. अनिता खुराना, कत्थकली, श्वेता टाकलकर, उमेश कुमार चौरसिया, प्रताप, डाॅ. स्वतन्त्र शर्मा, दीपक खैरे, नंदन कुलकर्णी, राजेन्द्र खंगारोत, कैलाश नाथ शर्मा आदि ने आनलाईन भाग लिया।


Karyapaddhati

:

हनुमान का चरित्र हमारा राष्ट्रीय आदर्श - डी.भानुदास

08-Apr-2020 | 256 Present

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हनुमान भगवान राम की आज्ञा पर समुद्र को लांघ गए। वे सेवा और साहस के प्रतीक हैं। स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि राम के हित के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने में जिन्हें तनिक भी संकोच नहीं होता, जिनके जीवन का एक ही व्रत है कि राम के प्रत्येक इच्छा को क्रियान्वित करना, स्वयं राम भी जिनकी प्रत्येक सलाह का सम्मान करते हैं, ऐसे हनुमान प्रत्येक व्यक्ति को लक्ष्य के प्रति सजग रहकर अपने राष्ट्र और समाज की सेवा करने की प्रेरणा देते हैं उक्त विचार विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के राष्ट्रीय महासचिव डी.भानुदास ने हनुमान जयंती के अवसर पर आयोजित ई स्वाध्याय के दौरान व्यक्त किए। व्हाॅट्सएैप पर ई स्वाध्याय के दौरान राम परिवार में सर्वाधिक मंदिर बजरंग बली के पाए जाते हैं इनके कारणों पर चर्चा करते हुए हनुमान को बुद्धि, शक्ति, साहस, निडरता, वाकपटुता, समय.प्रबंधन, कुशलता, निपुणता इत्यादि गुणों के कारण उनकी समाज में आवश्यकता प्रतिष्ठापित की गई। हनुमान जी के जीवन के विभिन्न प्रसंगों विशेष रुप से लंका दहन एवं सीता अन्वेषण के दौरान घटी विभिन्न घटनाओं पर चर्चा की गई जिसमें यह सिद्ध हुआ कि सज्जनों के संकटमोचक , अहंकार का नाश करने वाले , साहसी , पुरूषार्थी , विनयशील , संगठन का सम्मान करने वाले ,कुशल वक्ता , रूद्र के अवतार , चिरंजीवी , ज्ञान और गुण के सागर ,जितेन्द्रिय ,पूर्ण निष्ठा , पूर्ण समर्पित , राम रसायन, ब्रह्मचारी हनुमान् के नाम का दीया हमें अपने भीतर जलाना होगा ! हनुमान् हैं तो उनके साथ राम भी हैं , सीता भी हैं , लक्ष्मण भी हैं ! जहां ये चारों हैं वहीं हमारा सुंदर समाज , समाज का स्वर्ग होगा ! इस संपूर्ण चर्चा से प्रत्येक कार्यकर्ता अपना लक्ष्य अनुसंधान करते हुए कार्य की पूर्णता को सिद्ध कर सकता है। उक्त चर्चा में संपूर्ण भारत से कार्यकर्ता ऑनलाइन जुड़े जिनमें हितेश स्वामी, कत्थकली, लोकेश, यश मराठे, नंदन कुलकर्णी, गौतम, त्रिपुर प्रताप, सुधीर अम्बासा, गिरीश, श्रेया, प्रवीण आदि थे तथा राजस्थान से उमेश कुमार चौरसिया, यादवराज कुमावत, कैलाश नाथ शर्मा, प्रांजलि येरीकर, वेद प्रकाश कुमावत, राजेंद्र सिंह खंगारोत, दीपक खैरे, कार्तिक ओझा प्रमुख थे।


Karyapaddhati

:

भगवान श्री राम भारतीय संस्कृति के प्राण तत्व हैं - डी. भानुदास

24-Mar-2020 to 04-May-2020 | 256 Present

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भगवान श्री राम भारतीय संस्कृति के प्राण तत्व हैं.. उनकी मर्यादा उनका पुरुषार्थ हमें प्रेरणा देते है। श्रीराम ने व्यक्तिगत चरित्र की अपेक्षा राष्ट्रीय चरित्र को ही महत्व दिया क्योंकि ले राजा थे और राजा का कर्तव्य प्रजा रंजन होता है इसलिए कर्तव्य महत्वपूर्ण है। जैसे मा. एकनाथ जी कहते थे कि स्वामी विवेकानंद को ईश्वर की उपाधि या परिकल्पना हमें नहीं देनी चाहिए, स्वामीजी जैसा हम सब बन सकते हैं, उसी प्रकार राम को केवल भगवान मानकर पूजा के आले में बिठाकर , रामायण को लाल कपडे में बांधकर केवल पूजा करने से कुछ नहीं होगा हमें राम को भी अपने जीवन में चरितार्थ करना होगा। भारत का बच्चा बच्चा राम है, मैं राम हूं और मैं राम बन ना चाहता हूं ऐसा सोचने से और कार्य में लग जाने से होगा। उक्त विचार विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के राष्ट्रीय महासचिव डी भानुदास ने विवेकानन्द केन्द्र द्वारा अपने कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने तथा सद्विचारों के संप्रेषण के लिए निर्मित ई स्वाध्याय के अंतर्गत रामनवमी पर सांयकाल एक घण्टे का व्हाट्सएैप पर ई स्वाध्याय के अवसर पर व्यक्त किए। ई स्वाध्याय में श्रीराम के गुणों का चिंतन किया गया। चर्चा में आए बिन्दुओं में श्री राम जी भारत के आदर्श है। हमें आदर्श भारत बनाना भी है उसके साथ वह जगतगुरु हो यह भी हम चाहते है। इस अवसर पर रामायण पर आधारित एक छोटा सा खेल खेला गया जिसमें रामायण का मैं कौन सा पात्र बनना पसंद करूंगा, यह भी झांकने का प्रयास किया और फिर राम के गुणों के बारे में देखने का प्रयास किया गया। श्री राम दया के सागर है वह समाज के अति निम्न स्तर पर जीवन यापन करने वालों को भी अपना बना लेते हैं और उनके प्रति सम्मान और प्रेम का व्यवहार करते हैं। विनम्रता- छोटे बड़े सबसे प्रेम पूर्वक व्यवहार। राम की आज्ञा हेतु सबकुछ झोंक कर, अनासक्ति से प्रत्येक कार्य को करना। इस धरती पर मनुष्य का आचरण क्या होना चाहिए यह राम के चरित्र से सीखा जा सकता है। वनवास में न तो सेना थी न अन्य कोई सहयोगी। किन्तु संगठन कौशल्य से ही लक्ष्य पूर्ति हेतु वानर, भालू इत्यादि सेना बना ली। श्रेष्ठ जीवन जीने का मार्ग व टीम निर्माण का महामंत्र हो सकता है। इससे सामाजिक जीवन को एक प्रेरणा मिलती है समाज में अगर श्री राम के जीवन से अगर कुछ गुण आए तो वह समाज उत्कृष्ट समाज बन सकता है इसी तरह उत्कृष्ट राष्ट्र की भी कल्पना की जा सकती है। शबरी और हनुमान दोनो वन में है, राम उन्हें वहा स्वयं दर्शन देते है। हम भी कार्यकर्ताओ के दर्शन करने उनके घर जाया करे। छोटे के साथ छोटा बन जाना। एक बालक, पुत्र,पति,मित्र, राजा,भाई ऐसे प्रत्येक भूमिका में उच्व आदर्शों के प्रतीक है श्री राम। भगवान राम ने नर अवतार लेकर व्यक्तिगत पारिवारिक सामाजिक राष्ट्रीय सांस्कृतिक, जीवन के सभी आयामों में एक ऐसा उच्च आदर्श स्थापित किया है कि रामायण पर देश विदेशों में हजारों लोगों ने शोध किया है और आज भी यह खोज जारी है और राम का आदर्श जीवन में प्रस्थापित होने से जीवन में पूर्णता आती है। कार्य का उद्देश बड़ी इकाई का सुख ध्यान मे रखने से वो राम कार्य होकर रहेगा ।भोग हमारी सभ्यता का अंग नहीं रहा है, नैतिकता, त्याग , तप इत्यादि महत्व पूर्ण अंग रहे हैं। भोगों से ज्यादा समाज के अंतिम व्यक्ति के सुख में राजा का सुख होता है। हमारी जन्मभूमि स्वर्ग से भी सुंदर वह इसके लिए उसे गंदा नहीं करें स्वच्छता का पालन करें वहां के लोग संस्कारित हो और पंच महायज्ञ का पालन करते हुए अपनी जन्म भूमि की सेवा कर सकें। हम सब जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी इसको ध्यान में रखते हुए इस भारत मां का कार्य ही महत्वपूर्ण है इस दृष्टि से राम जी के गुणों का ध्यान करेंगे। चर्चा में अजमेर से उमेश कुमार चौरसिया , डाॅ. स्वतन्त्र शर्मा, प्रांजलि येरीकर, डाॅ0 अनिता खुराना, अखिल शर्मा, विश्वा शर्मा तथा अखिल भारतीय स्तर पर दीपक खैरे, कत्थकली, लोकेश, अविनाश पारीक, अशोक खण्डेलवाल, के एन शर्मा आदि ने प्रमुखता से अपने विचार रखे। प्रचार प्रमुख भारत भार्गव ने बताया कि विवेकानन्द केन्द्र द्वारा प्रतिदिन फेकबुक के माध्यम से प्रातः 6 बजे अपनी नित्य ई योग कक्षा का संचालन भी निरंतर कर रहा है जिसमें संपूर्ण भारत के लोग प्रतिदिन जुड़ते हैं।


Chalo-Gaon-Ki-Or

:

चलो गांव की ओर अभियान का पुष्कर में हुआ आगाज

24-Dec-2019 to 25-Dec-2019

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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी राजस्थान प्रांत द्वारा संपूर्ण राजस्थान के चयनित युवाओं को चलो गांव की ओर प्रशिक्षण कार्यक्रम महेश्वरी सेवा सदन पुष्कर में 24- 25 दिसंबर 2019 को आयोजित हुआ इस अवसर पर युवाओं को गांव में किए जाने वाले संपर्क कार्यक्रम का प्रशिक्षण दिया गया साथ ही इस अवसर पर प्रांत एवं विभाग समितियों की बैठक भी आयोजित की गई इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र की प्रांत संगठक सुश्री प्रांजलि येरीकर एवं प्रांत प्रमुख श्री भगवान सिंह सहित सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे


EBVB

:

Sampark Abhiyan - First Sampark

08-Sep-2019

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"ब्रह्मा मंदिर पुष्कर से शुरू हुआ विवेकानंद शिला स्मारक संपर्क अभियान -*एक भारत विजयी भारत* *विवेकानंद शिला स्मारक अपने 50 वर्ष का उत्सव मना रहा है। कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद शिला स्मारक के 50 वर्ष के अवसर पर विवेकानंद की शिक्षाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी महा संपर्क अभियान 2 सितंबर को महामहिम राष्ट्रपति महोदय से संपर्क कर शुरू किया गया इस अभियान के तहत देशभर के लगभग 3 लाख लोगों से संपर्क किया जाएगा यह बात विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी राजस्थान प्रांत संगठन जीवन वृति कार्यकर्ता सुश्री प्रांजलि येरिकर ने रविवार को राजस्थान में महा संपर्क अभियान की शुरुआत करते हुए पुष्कर स्थित ब्रह्मा मंदिर के पुजारी रामनिवास जी वशिष्ठ से संपर्क के दौरान कही । पंडित राम निवास वशिष्ठ ने कार्यकर्ताओं को इस अभियान के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जिस तरह स्वामी विवेकानंद जी ने 25 ,26 एवं 27 सितंबर 1892 मैं देश की अंतिम शीला पर बैठकर ध्यान किया और अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त किया उनसे प्रेरणा लेकर युवाओं को आज राष्ट्र निर्माण हेतु अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। संपर्क अभियान के तहत दूसरा संपर्क अजमेर दरगाह शरीफ के दीवान जैनुल आबेदीन से किया गया उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने ही विश्व बंधुत्व का नारा दिया था और जब जब भारत एक हुआ है वह विजय हुआ है महा संपर्क के इस क्रम में तीसरा संपर्क श्री निंबार्काचार्य पीठ, सलेमाबाद के श्रीजी महाराज से किया गया हिंदी साहित्य प्रकाशन विभाग के सदस्य उमेश चौरसिया ने बताया कि 1963 में स्वामी विवेकानंद की जन्म शताब्दी मनाने के दौरान उनकी याद में स्मारक बनाने का फैसला हुआ स्मारक निर्माण हेतु एकनाथजी रानाडे के प्रयासों से 323 सांसदों ने राजनीतिक, क्षेत्रीय और धार्मिक आस्थाओं के परे जाकर अपनी सहमती हेतु हस्ताक्षर दिए ।श्रीजी महाराज ने विवेकानंद केंद्र के इस अभियान की सराहना करते हुए अभियान की सफलता के लिए अपना आशीर्वाद प्रदान किया। प्रचार प्रमुख भारत भार्गव ने बताया कि इस संपर्क अभियान पूरे वर्ष निरंतर जारी रहेगा आज अभियान के दौरान प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख डॉ स्वतंत्र शर्मा, नगर संचालक डॉ श्याम भूतड़ा ,नगर प्रमुख अखिल शर्मा ,जीवन वृति कार्यकर्ता मनीषा दीदी, व्यवस्था प्रमुख महेश शर्मा ,कुसुम गौतम, रविंद्र जैन उपस्थित रहे।"

Sampark  Sampark

Utsav

:

Utsava Celebration in Prant

01-Apr-2019 to 31-Mar-2020

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Guru Poornima was celebrated at 11 places in the prant in which 883 people participated. Bhilwara branch honoured 15 ‘Seva Vratis’ - persons who serve the society without any expectation. Universal Brotherhood Day was organised at 17 places 4495 persons participated in these programmes. Ajmer branch organised a grand programme on this occasion Hon. Governor of Kerala Shri. Arif Mohammad Khan was the chief speaker. Mananeeya Eknathji’s Jayanti , Sadhana Diwas was celebrated at 11 places 283 karyakartas participated and took sankalpa. 1039 people participated in Gita Jayanti utsava organised at 14 places. Samartha Bharat Parva and Swami Vivekananda Jayanti was celebrated with pomp and show at 105 places in which 17864 persons participated throughout the state. Many programmes like Rangoli, Bharat Mata Pujan, Selfie with Swamiji, Sahitya Sangam, Jana Samparka and different competitions were organised on he occasion.


Vimarsh

:

Vimarsh : The Thought Movement

01-Apr-2019 to 31-Mar-2020

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Vimarsha is oraganised to take Swami Vivekananda’s thoughts to people and have discussion sessions to understand them in today’s perspective and also some important topics of National Interest can be discussed. This year Udaipur, Jaipur and Jodhpur branches organised Vimarsha programmes. On 15th of December 2019 Jiapur organised Vimarsha on the topic ‘Krishna: the Strategist’. Vivekananda Kendra All India Vice President Mananeeya Nivedita Bhide was the Chief Speaker on the occasion, Hon. Governor Rajasthan Shri. Kalaraj Mishra graced the occasion as Chief Guest. 680 Intellectuals of Jaipur City attended the programme. On 22nd December 2019 Jodhpur branch organised a Vimarsha on the topic ‘Social Degeneration – Law and Spirituality”. Mananeeya Shri. Pushpendra Singh Bhati, Hon. Justice Rajasthan High Court (Jodhpur Bench) was the Chief Speaker and Shri. Gajendra Singh Shekhawat, Central Minister for Jalashkati was the Chief Guest. 200 distinguished citizens of Jodhpur were present. Jodhpur also organised one more Vimarsh on “Science and Spirituality” Shri. Om Prakash Narayan Culla, Deputy Director ISRO (Rtd) was the Chief speaker on the occasion. 150 attended the programme. Vigayan samiti and VK Udaipur jointly organised a Vimarsh on 'Badalata - Ubharata Bharat and Swami Vivekananda' . Mananeeya Nivedita didi, All India Vice President. Vivekananda Kendra Kanyakumari, was the chief speaker. 84 elites in the town attended the programme. Didi in her speech told how Swami Vivekananda gave the rousing call to this nation and what is the impact of his life nad message. She also told about how the entire nation came together to build Swamiji's grand memorial at Kanyakumari which gives the message of National unity and harmony.


Utho-Jaago

:

Utho ! Jaago!! Swadhyaya Pratiyogita

01-Apr-2019 to 31-Mar-2020

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This year the inspiring story of Vivekananda Rock Memorial was taken to the students through this competition. The book for the competition was ‘Vivekananda Shilasmarak – Ek Vijay Gatha’. 2204 students from 67 colleges and Institutes participated in the competition, 1624 appeared the examination and 890 participated in the one day Youth Motivation Workshop organised at 28 places. At school level also 263 students from 8 schools participated out of which167 students attended 5 one day workshops.


Workshop

:

Workshops organised in Prant

01-Apr-2019 to 31-Mar-2020

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Vivekananda Kendra organises different workshops for different sections of society, which includes Ramayan Darshanam, Kishori Vikas Karyashala (Teen age Girls), Personality Development workshop (Students), Youth Motivation Workshops, Van Bhraman, Pariwar Milan (Families), Dampati Sammelan (Couples) etc. This year 46 such workshops were organised and 2943 participated in these workshops.


Yoga-Satra-And-Modules

:

Yoga Satra, Yoga Varga Shikshak Prashikshan

01-Apr-2019 to 31-Mar-2020

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Every year Kendra organises different Yoga Satras to establish Yoga – way of Life. This year 22 Yoga Satra (Sessions) were organised 529 benefitted through these sessions. Ajmer branch organised a Yoga Varga Shikshak Prashikshan (Teachers Training) to establish Yoga Varga in all 4 Vistars of city. 22 Varga Shikshak participated in which the practical and conceptual training was given to them. 3 Pariksha De Hasate ! Hasate!! (Let’s Play Exam Exam) workshops were organised 98 students participated.


Karyapaddhati

:

Karyapaddhati - लोक मन संस्कार करना

01-Apr-2019 to 31-Mar-2020

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To take the thought of Kendra to entire Society Karyapaddhati plays an important role. There are 31 Sanskar Vargas in Rajasthan Prant 843 students participate in these regularly. 10 Swadhyaya Vargas with 123 youth and 14 Yoga Vargas with 149 participants are regularly going on. 207 karyakartas participate in 16 Kendra Vargas.


Camp

:

Karyakarta Prashikshan Shibir

01-Apr-2019 to 31-Mar-2020

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In 2019- 20 2 Sanskar Varga Prashikshan Shibirs were organised for 201 participants. 281 karyakartas were trained in 4 Sthanik Karyakarta Prashikshan Shibir. 29 Karyakarta attended Prant Karyakarta Prashikshan Shibir at Bhilwara. 10 Karyakartas were selected for Rashtriya Karyakarta Prashikshan Shibir. 12 Nagar Pramukh and Prant Samiti Sadasya attended 2 day Yojak Shibir. 63 karyakarta attended 2 day Sampark Prashikshan at Pushkar.


Chalo-Gaon-Ki-Or

:

Chalo Gaon ki Or - Let's Go to Villages

01-Apr-2019 to 31-Mar-2020

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Every year Rajasthan Prant organises ‘Chalo Gaon ki or’ a 7 day Service programme for youth. This year total 35 youth participated in this programme and experienced the life in the Rural Bharat. 25th to 31st December these youth stayed in villages, organised Yoga Varga, Sanskar Varga, contacted people through ‘ Ek Bharat Vijayi Bharat’, cleaning of Villages etc. Total 13 villages were covered 13 Sanskar Vargas were stated for 515 studets. One Yoga Satra was organised 30 participated in that. 2 Sanskar Varga Workshops were organised 75 students got trained and Story of Rock Memorial reached to 350 village houses.

Chalo  

Others

:

Patron and Sahitya Seva:

01-Apr-2019 to 31-Mar-2020

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This year 105 new members joined Kendra Family as Patrons, 102 as Magazine Subscribers and 87 as Arunachal Bandhus. This year our Sahitya Seva team could sell Sahitya of ₹. 14,06,504/-


EBVB

:

Vivekananda Shilasmarak : Ek Bharat Vijayi Bharat

01-Apr-2019 to 31-Mar-2020

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The Samparka Karya was started in Prant from Pushkar Brahma Mandir. All India Nimbark Pithdhishwar Nimbarkacharya Shri Ji Maharaj was also contacted and Shri. Jainual Abedin, Dugah Deewan, Ajmer was contacted. Prant team met Hon. Governor Rajasthan Shri. Kalaraj Mishra. Mananeeya Kalaraj Mishra shared his reminiscences when he worked in the collection drive for Rock Memorial. We Could reach 4428 persons till today.

Vivekananda